पानीपत, जेएनएन। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन रिफाइनरी में क्रूड ऑयल डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) में गैस लीकेज से आग लग गई। आग लगने और पाइप फटने की वजह से एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। आग की सूचना मिलते ही अफरातफरी मच गई। किसी तरह से आग पर काबू पाया गया। वहीं पुलिस ने यूनिट इंचार्ज, मैनेजमेंट रिफाइनरी और जय ज्योति कंपनी के मालिक के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया।

रिफाइनरी में सीडीयू-वीडीयू यूनिट एक महीने से बंद थी। इसकी मरम्मत काम काम मुंबई की एक कंपनी ने किया था। कंपनी ने लीकेज जांच करने की बजाय यूनिट रिफाइनरी के हवाले कर दी। फोरमैन एमएस खेरकर, जय ज्योति इलेक्ट्रिकल कंपनी के इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर करनाल के कुड़लन गांव के मोहनलाल और गीता कॉलोनी के दीपक यूनिट का टेस्ट करने लगे। तभी गैस लीकेज से आग लग गई। मोहनलाल और दीपक झुलस गए, जबकि पाइप फटने के बाद खेरकर नीचे गिरकर घायल हो गए। 

मोहनलाल की मौत हो गई, घायल दिल्ली रेफर
तीनों को पहले रिफाइनरी के अस्पताल और फिर पार्क अस्पताल में दाखिल कराया। जहां पर मोहनलाल की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल दीपक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया। इस बारे में बोहली चौकी प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि मृतक के भाई सोहनलाल की शिकायत पर दो लोगों पर केस दर्ज किया गया है।

नहीं उठाया मृतक का शव
इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर करनाल के कुड़लन गांव के मोहनलाल (25) के शव का परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से इन्कार कर दिया। परिजनों ने रोष जताया कि कंपनी के अधिकारियों ने बताया था कि हादसे में मोहनलाल घायल हो गया, जबकि उसकी जलने से मौत हुई। अधिकारी अस्पताल भी नहीं पहुंचे हैं। चार घंटे बाद कंपनी के अधिकारी सामान्य अस्पताल पहुंचे और पीडि़त  परिवार को आर्थिक मदद का आश्वासन दिया, तभी शव का पोस्टमार्टम कराया गया। 

कंपनी ने झूठ बोला 
सोहनलाल ने बताया कि उसका छोटा भाई मोहनलाल तीन महीने से रिफाइनरी में जय ज्योति कंपनी में बतौर इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर काम कर रहा था। शनिवार सुबह मोहनलाल सुबह नौ से पांच बजे की शिफ्ट पर काम कर रहा था। शाम 7:30 बजे उसे कॉल कर बताया कि मोहनलाल को चोट लग गई है। मगर वह सामान्य अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने बताया कि भाई की मौत जलने की वजह से हुई है। 

पहले भी हो चुके हैं हादसे
रिफाइनरी में पहले भी कई बार हादसों में कर्मचारियों की जान जा चुकी है। 26 फरवरी 2019 को शटडाउन के दौरान इंजीनियर विपुल किशोर शुक्ला काम देखने के लिए टैंक के ऊपर चढ़े थे। तभी पैर फिसल गया और वे टैंक में जा गिरे। इसकी उनकी मौत हो गई। इसी तरह रिफाइनरी स्थित नेफ्था क्रेकर की यूनिट में गैस रिसाव के कारण चार आदमी चपेट में आ गए थे। इसमें बाल जाटान निवासी मोहनलाल की मौके पर ही मौत हो गई थी। 

रिफाइनरी टाउनशिप के गेट पर नारेबाजी
पानीपत रिफाइनरी कर्मचारी यूनियन ने रविवार शाम छह बजे टाउनशिप गेट पर एकत्रित होकर रिफाइनरी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रधान संपूर्ण ङ्क्षसह ने कहा कि रिफाइनरी में हो रहे हादसों में कर्मचारियों व मजदूरों की मौत हो रही है। इसके बावजूद भी सुरक्षा के प्रबंध नहीं हैं। कर्मचारियों ने 20 दिन पहले मरे विपुल किशोर और मोहनलाल की आत्मा की शांति के लिए मौन रखा और कैंडल मार्च निकाला। 

Posted By: Anurag Shukla

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