जागरण संवाददाता, पानीपत : कानूनी जागरूकता शिविरों का मुख्य उद्देश्य हर व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना है। यह तभी संभव है जब लोगों को अपने अधिकारों की पूर्ण जानकारी होगी। इसी कड़ी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की ओर से शुक्रवार को जिला में 20 स्थानों पर विशेष शिविरों का आयोजन किया गया।

प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम अमित शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 39-ए समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को निश्शुल्क कानूनी सहायता प्रदान करता है। संविधान के अनुच्छेद 14 और 22 (1) में भी राज्य के लिए कानून के समक्ष समानता, सभी के लिए समान अवसर के आधार पर न्याय को बढ़ावा देने वाली कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य है। वर्ष 1987 में संसद द्वारा कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम बनाया था, नौ नवंबर, 1995 को लागू हुआ था।

उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीषा बतरा (अध्यक्ष-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पानीपत) के मार्गदर्शन में लगे शिविरों में संबंधित विभागों का सहयोग मिला। प्राधिकरण के पैनल में शामिल वकीलों व पैरालीगल वालंटियर्स ने लोगों को जागरूक किया। इन स्थानों पर लगे शिविर

सिविल अस्पताल, मुख्य डाकघर, बस स्टैंड, सरल केंद्र लघु सचिवालय, कोर्ट कांप्लेक्स, महिला थाना, आर्य पीजी कालेज, समालखा में बस स्टैंड, सरल केंद्र, तहसील व कोर्ट कांपलेक्स, सब डिविजनल अस्पताल, गीता ला कालेज, डाकघर । इन्होंने भी किया जागरूक

एडवोकेट मोनिका कक्कड़, सुमन लता, हेमंत शर्मा, रोहित मलिक, सौरव जग्गा, नीरज नरवाल, अनुराग शर्मा, पूजा अरोड़ा, पूनम, पिकी शर्मा, परवीन कौशिक, संदीप शर्मा, संजय त्यागी, रोहताश कुमार। पैरा लीगल वालंटियर रेखा, राहुल, अनिल, सोमवीर, पिकी, सुजीत।

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