जगाधरी (यमुनानगर), संवाद सहयोगी। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट डा. मोहिनी की कोर्ट ने डिलीवरी के बाद नवजात बच्ची को झाड़ियों में फेंकने पर नाबालिग माता-पिता को सजा सुनाई है। कोर्ट ने नाबालिग पिता को दो साल कैद व 100 रुपये जुर्माना और मां को एक साल कैद की सजा की है।

गांव पांजुपुर निवासी आसीम ने 28 सितंबर 2019 को शहर यमुनानगर पुलिस शिकायत दी थी कि वह सिटी सेंटर पार्क में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है। 27 सितंबर को वह साथी इस्लाम के साथ पार्क में घूम रहा था। कुछ युवकों ने उन्हें बताया कि पार्क में मूर्ति के नजदीक झाडिय़ों में नवजात बच्ची कपड़े में लिपटी पड़ी है। उन्होंने देखा कि बच्ची एक निजी अस्पताल की किट में लिपटी हुई थी। वे बच्ची को सरकारी अस्पताल ले गए।

निजी अस्पताल का रिकार्ड खंगाला तो खुला राज

पुलिस ने जब निजी अस्पताल का रिकार्ड खंगाला तो पता चला कि 27 सितंबर को एक नाबालिग लड़की ने बच्ची को जन्म दिया था। पुलिस ने लड़की से पूछताछ की, तो उसने बताया कि एक नाबालिग लड़के के साथ संबंध बनाने से वह गर्भवती हो गई।


पानीपत में भी फेंके गए नवजात

-27 जून, 2015 को पानीपत के रेलवे स्‍टेशन पर माल गोदाम में चार महीने की नवजात मिली थी

-इसी साल जाटल रोड पर खाली प्‍लाट में नवजात मिली थी

-अक्‍टूबर में मांडी गांव में आठ महीने की बच्‍ची कूड़े के ढेर में मिली

-साल 2016 में सेक्‍टर 12 में घर के बाहर एक बच्‍ची मिली

-साल 2016 में ही फरवरी महीने में सेक्‍टर 25 में जुड़वां नवजात के शव मिले

-इसी साल जुड़वां बच्चियां सेक्‍टर 24 के मकान के बाहर मिली थीं

-मई 2018 में माडल टाउन क्षेत्र के पार्क में बच्‍ची मिली थी

-2018 अक्‍टूबर में गुरुद्वारे के बाहर बच्‍ची मिली

-बुड़शाम गांव में जुलाई 2020 को नाले में बच्‍ची का शव मिला

-विकास नगर में 17 नवंबर 2021 को आठ महीने का भ्रूण मिला था

Edited By: Rajesh Kumar