करनाल, जागरण संवाददाता। आज राष्ट्रीय दुग्ध दिवस है। भारत सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। खासतौर पर हरियाणा और पंजाब दुग्‍ध उत्‍पादन में अग्रणी रहने वाले राज्‍य हैं। हालांकि अब दुग्‍ध गुणवत्‍ता में मिलावट बड़ी समस्‍याा भी बनती जा रही है। अब इस चुनौती से निपटने के लिए राष्‍ट्रीय दुग्‍ध दिवस पर राष्‍ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्‍थान ने मुहिम शुरू की है। यहां आकर अब कोई दूध की गुणवत्‍ता का परीक्षण करवा सकता है।

इस तरह होती मिलावट

अच्‍छी कमाई के चक्‍कर में मिलावटखोर हानिकारक पदार्थों की मिलावट करते हैं। दूध में आठ तरह की मिलावट का पता लगाया जा सकता है। डिटर्जेंट सहित न्यूट्रालाइजर, यूरिया, ग्लूकोज, हाईड्रोजनपरआक्साइड, माल्टोडिक्सट्रिप व चीनी की मिलावट शामिल है। यह तकनीक 10 उद्यमियों, डेरी सहकारी समितियों के साथ निजी क्षेत्र को भी हस्तांतरित की गई है।

जागरूकता के लिए मुहिम

करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान की ओर से पशुपालकों से लेकर आम लोगों के बीच जागरूकता विकसित करना है। अब संस्‍थान की ओर से विशेष प्रकार की रैपिड टेस्ट स्ट्रिप तैयार की गई है। इससे आठ प्रकार की मिलावट परखा जा सकता है।

इस तरह से काम करेगी स्ट्रिप

एनडीआरआइ के निदेशक डा. चौहान ने बताया कि दूध में मिलावट का पता लगाने की तकनीक न केवल सफलतापूर्वक विकसित की बल्कि व्यापक जनहित के दृष्टिगत इसे 10 उद्यमियों और डेरी सहकारी समितियों के साथ निजी क्षेत्र को भी हस्तांतरित किया है। ऐसी प्रौद्योगिकी के साथ स्थापित स्टार्ट-अप कंपनी मेसर्स डेल्मोस रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड ने परीक्षण अभियान के लिए संस्थान से हाथ भी मिलाया है। संस्थान इससे पूर्व यह तकनीक मदर डेरी, वेरका, राजस्थान व बिहार कोआपरेटिव सोसायटी आदि इकाइयों को भी उपलब्ध करा चुका है। तकनीक के जरिए तैयार की गई रैपिड टेस्ट स्ट्रिप को दूध में डालने के बाद स्ट्रिप का बदलता रंग दूध की गुणवत्ता व मिलावट दर्शाता है। दावा है कि इस टेस्ट के नतीजे प्रयोगशाला से भी बेहतर हैं। डिटर्जेंट सहित न्यूट्रालाइजर, यूरिया, ग्लूकोज, हाईड्रोजनपरआक्साइड, माल्टोडिक्सट्रिप व चीनी की मिलावट जांचने में यह तकनीक काफी उपयोगी है।

इसलिए मनाया जाता दुग्ध दिवस

देश में हर साल 26 नवंबर को श्वेत क्रांति के जनक डा. वर्गीज कुरियन की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जाता है। इस बार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस पर लोगों में दूध व दूध से बनने वाले उत्पादों में मिलावट की जांच के लिए जागरुकता विकसित करने की पहल की जा रही है। इससे लोगों को मिलावटखोरों की नकेल कसने और शुद्ध दूध की परख करने में मदद हासिल होगी।

Edited By: Anurag Shukla