जागरण संवाददाता, पानीपत : अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीके लाल ने मां के हत्यारे को उम्रकैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मृतका मूल रूप से सोनीपत की रहने वाली थी और यहां आजाद नगर में रह रही थी।

मूलरूप से सोनीपत के देवडू रोड स्थित शिव कॉलोनी निवासी सुनीता पत्नी सतवीर ने 20 दिसंबर 2014 को मॉडल टाउन थाने के अंतर्गत आठ मरला चौकी में शिकायत दी कि उसकी मां दर्शना देवी लापता है। जांच के दौरान पुलिस ने दर्शना के बेटे रुपेश से पूछताछ की तो पहले वह बरगलाता रहा। बहन से भी उसने झूठ बोला था। सख्ती करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। तब कहा था कि 26 नवंबर 2014 को वह मां से मिलने पानीपत आया और 3 दिसंबर को उसे हरिद्वार ले गया। अगले दिन ऋषिकेश स्थित नीलकंठ मंदिर ले गया। लौटते वक्त गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को खाई में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया था।

एडीजे कोर्ट ने रुपेश को दोषी करार दिया। उसे धारा 302 में उम्रकैद, 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त और धारा 201 में तीन साल सजा व पांच हजार रुपये जुर्माने सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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