जागरण संवाददाता, समालखा

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत खंड के चुलकाना और गढ़ीछाज्जू के तालाबों को जहां नहर का साफ पानी मिलेगा, वहीं बिहौली में गंदे पानी की निकासी की जाएगी। इन योजना के लिए तीनों गांव में छह किमी भूमिगत पाइप लाइन दबाई जाएगी, जिस पर करीब 42 लाख रुपये की लागत आएगी। सिंचाई विभाग ने इसकी मंजूरी दे दी है। फंड भी जारी कर दिया है। पंचायत अपने मनपसंद एजेंसी से उक्त काम करवाएगी। पशुओं को नहाने और धोने के लिए तालाब में साफ पानी मिलेगा।

निकासी के अभाव में गांवों में तालाबों की हालत खस्ताहाल हो गई है। आबादी का गंदा पानी उनमें जमा हो रहा है। पशुओं को नहाने और पानी पिलाने के लिए पशुपालकों को भारी परेशानी हो रही है। वे सबमर्सिबल और नलकूप का पानी पशुओं को पिलाते हैं और उसी से नहाते भी हैं। इससे पानी की बर्बादी होती है। भूजल स्तर भी नीचे जा रहा है। पीएम सिंचाई योजना से जहां पशुओं को साफ पानी पीने को मिलेगा, वहीं भूजल स्तर में भी सुधार होगा। तालाब को साफ पानी की आपूर्ति नहर से भूमिगत पाइप लाइन के द्वारा की जाएगी।

साफ पानी से जल संरक्षण को मिलेगी मदद : समालखा उपमंडल पहले से ही डार्क जोन में हैं। यहां भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है। 300 फीट से नीचे का पानी ही कमोबेश पीने लायक है। विलुप्त होते साफ पानी के तालाब से अंधाधुध जलदोहन हो रहा है। पंचायती तालाबों में साफ पानी भरने की व्यवस्था नहीं होने से सरपंचों को भी परेशानी है। उनमें गंदा पानी जमा हो रहा है।

पशुपालकों को मिलेगा लाभ:

चुलकाना के सरपंच मदन शर्मा कहते हैं कि उनके गांव की आबादी 20 हजार के करीब है, जिनमें पशुपालकों की संख्या 5 हजार के करीब हैं। गांव में चार पंचायती तालाब है, जिनमें एक साफ पानी का है तो दूसरा सूखा है। दो में गंदा पानी जमा हो रहा है। उनके गांव के चारों तालाबों को नहर से साफ पानी मिलेगा। इसके लिए ढाई किमी पाइप लाइन दबेगी, जिस पर 20 लाख रुपये खर्च होंगे।

जलसंरक्षण को मिलेगा बल:

गढ़ीछाज्जू के सरपंच प्रवीण का कहना है कि गांव में दो तालाब हैं। स्टेडियम के पास वाले तालाब में साफ पानी भरने के लिए नहर से दो किमी पाइप लाइन दबाई जाएगी, जिस पर 12 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे बरसाती पानी का संरक्षण तो पशुओं को पीने के लिए साफ पानी मिलेगा।

गंदे पानी की निकासी के लिए बिछेगी पाइप : बिहौली के सरपंच जिले सिंह कहते हैं कि उनके तालाब में नहरी पानी लाना कठिन है। गंदे पानी की निकासी के लिए 10 लाख की लागत से पाइप लाइन बिछेगी। साथ ही तीन तालाबों को बरसाती और नलकूप के पानी से भरा जाएगा।

Posted By: Jagran

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