कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। भारतीय किसान यूनियन मान गुट ने भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम चढ़ूनी और भाकिूय के प्रवक्ता राकेश टिकैत के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार करने के लिए प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम दिया था। अल्टीमेटम अवधि समाप्त होने के बाद सोमवार को मथाना में कुरुक्षेत्र-सहारनपुर रोड पर ईटों की दीवार बनाकर सड़क को एक घंटे तक जाम कर दिया। प्रशासन ने वाहनों को रूट डायवर्ट कर निकाला। अब जिला प्रशासन की ओर से दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 15 दिन का समय मांगा गया है।

मान गुट के प्रदेशाध्यक्ष गुणीप्रकाश और महासचिव प्रवीण मथाना की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने भाकियू नेताओं के खिलाफ कार्रवाई न होने को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर एक बजे से जाम लगने के बाद सड़कों पर दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई। सूचना मिलने पर लाडवा एसडीएम अनुभव मेहता, डीएसपी लाडवा भारत भूषण, नायब तहसीलदार जयवीर रंगा मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया।

15 दिन का मांगा समय

मान गुट ने जाम खोलने से इन्कार कर दिया। वे गुरनाम चढ़ूनी और राकेश टिकैत के खिलाफ केस दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मान गुट से दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर 15 दिन का समय मांगा। जिसके बाद मान गुट ने इस शर्त पर जाम खोल दिया। उन्होंने कहा अगर 15 दिन में गुरनाम चढूऩी और राकेश टिकैत के खिलाफ केस दर्ज और उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे डीसी निवास के सामने ईटों की दीवार बनाकर धरना देंगे।

किसानों को कर रहे गुमराह

मान गुट के प्रदेशाध्यक्ष गुणीप्रकाश व महासचिव प्रवीण मथाना ने कहा कि भाकियू नेता गुरनाम चढ़ूनी और किसान नेता राकेश टिकैत किसान आंदोलन के नाम पर किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। दोनों नेताओं के खिलाफ प्रदेश व अन्य राज्यों में अनेकों केस दर्ज हैं, लेकिन सरकार जानबूझ कर उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही। दोनों नेताओं की सरकार के साथ मिलीभगत है। इसलिए वे सरेआम धरना प्रदर्शन व जनसभाएं कर रहे हैं।

एसडीएम ने जूस पिलाकर समाप्त कराया अनशन

गुरनाम चढुनी और राकेश टिकैत की गिरफ्तारी और केस दर्ज करने को लेकर मान गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष नरपत राणा पिछले चार दिन से अनशन पर बैठे थे। इस दौरान उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया था। शुगर लेवल कम होने के साथ साथ बीपी हाई हो गया था। एसडीएम लाडवा अनुभव मेहता ने नरपत राणा को जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया। अनशन समाप्त करने के बाद नरपत राणा को मथाना के सीएचसी में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत को देखते हुए सिविल अस्पताल कुरुक्षेत्र के लिए रेफर कर दिया।

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Edited By: Anurag Shukla