संवाद सहयोगी, थर्मल :

गांव अहर वासी 15 वर्षीय लविश का अंडर-18 एशिया चैंपियनशिप 2022 के लिए भारतीय अंडर-18 पुरुष बास्केटबाल टीम के लिए चयन हुआ। हरियाणा से अकेले खिलाड़ी लविश का इस प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। लविश 21 से 29 अगस्त के बीच ईरान में होने वाली इस एशियन चैंपियनशिप 2022 में खेलेगा। लविश का 3 महीने में लगातार तीसरी बार भारतीय बास्केटबाल टीम के लिए चयन हुआ है। उसके चयन पर गांव अहर में खुशी का माहौल है। लविश के पिता सतीश खैंची ने मिठाई बांट कर खुशी जाहिर की।

क्लर्क पिता बेटे को करते हैं पूरी सपोर्ट

लविश का जन्म 23 जून, 2007 को हुआ। 15 वर्षीय लविश गांव कुराना स्थित ऋषिकुल पब्लिक स्कूल में दसवीं कक्षा का छात्र है। परिवार में उसकी दादी दर्शन देवी घर की मुखिया हैं। उसके पिता सतीश कुमार करनाल शुगर मिल में क्लर्क है। उसकी मां रीना देवी हाउसवाइफ है। उसका एक छोटा भाई प्रतिक नौवीं कक्षा में पढ़ता है। वह भी बास्केटबाल का खिलाड़ी है। उसके पिता बेटे लविश को हर तरह से पूरी मदद करते हैं।

बड़े भाई साहिल को मानता है अपना आइडल-

लविश ने बताया कि उसका बड़ा भाई (बुआ का लड़का) साहिल बास्केटबाल का अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी है। उसने ही उसको बास्केटबाल खेलना सिखाया था। उसके बाद स्कूल में बास्केटबाल कोच सुखविदर खैंची व दीपक शर्मा ने उसे बारीकी से खेल के गुर सिखाए।

पोता दिलाएगा परिवार को बड़ी पहचान-

लविश की दादी दर्शन देवी ने बताया कि उसका पोता मन लगाकर अभ्यास करता है। वह भी पोते की कामयाबी के लिए अक्सर व्रत रखती है और पूजा करके पोते की कामयाबी के लिए प्रार्थना करती है। दादी ने बताया कि वह दिन दूर नहीं जब उसका पोता एक नामी खिलाड़ी बनेगा और अपनी मेहनत की बदौलत परिवार को एक अच्छी पहचान दिलाएगा। उसको सबसे ज्यादा खुशी तब होगी जब लोग उसे लविश की दादी के नाम से जानेंगे।

लविश की उपलब्धियां-

लविश ने 5 वर्ष पहले पांचवीं कक्षा में बास्केटबाल खेलना शुरू किया था। सिर्फ 5 साल की मेहनत से ही वह इंटरनेशनल खिलाड़ी बन चुका है।

लविश 8 बार स्टेट खेल चुका है व दो बार सब जूनियर नेशनल खेल चुका है। मई 2022 में उस उसका बेंगलुरु में आयोजित कैंप में चयन हुआ। मई 2022 में उनकी टीम ने कटक में आयोजित साबा बास्केटबाल कप में गोल्ड मेडल जीता। लविश ने बताया कि उसका लक्ष्य है कि भारतीय बास्केटबाल टीम व‌र्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करे।

Edited By: Jagran