अंबाला, जेएनएन। 26 जनवरी के दिन किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में नामजद एक लाख का इनामी लक्खा सिधाना शुक्रवार शाम को शंभू बार्डर (हरियाणा-पंजाब) पर पूरे काफिले के साथ पहुंचा, मगर सामने नहीं आया। यहां आंदोलनकारी नेताओं ने करीब बीस मिनट तक संबोधित किया। इसके बाद वाहनों का काफिला दिल्ली की ओर रवाना हो गया। जिस ट्रक पर आंदोलनकारी नेता संबोधन कर रहे थे, पंजाब में उस पर सिधाना नजर आ रहा था, लेकिन हरियाणा सीमा में आने के बाद वह छिप गया। यह काफिला पंजाब के बठिंडा के बाद पहले राजपुरा और फिर शंभू बार्डर पर रुका। बताया जा रहा है कि काफिले के बजाय लक्खा सिधाना किसी अन्य वाहन से निकल गया। किसानों ने कैंटर पर ही स्टेज बना रखा था।

निकाली भड़ास

शंभू बार्डर पर मौजूद आंदोलनकारियों ने लक्खा सिधाना पर रखे गए इनाम को लेकर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि आखिर उन लोगों पर इनाम क्यों नहीं रखा गया जिन्होंने हरियाणा में सड़के उखाड़ी थीं। वो लक्खा सिधाना के साथ दिल्ली भी जाएंगे और अब संसद में मोर्चा भी लगाएंगे। आंदोलनकारी नेताओं ने कहा कि पुलिस ने लक्खा सिधाना पर मुकदमे दर्ज किए हैं और उस पर इनाम भी रखा है जिसके चलते अब लक्खा सिधाना खुलकर लोगों के सामने नहीं आ रहा।