यमुनानगर, जागरण संवाददाता। यमुनानगर में दुसानी निवासी अशोक कुमार की पत्नी नीना व भाई आशीष की नौकरी लगवाने के नाम पर छह लाख 66 हजार रुपये ठग लिए गए। आरोप सरावां निवासी जोगिंद्र पाल पर लगा है। आरोपित ने आशीष की ट्यूबवैल आपरेटर व नीना की आंगनबाड़ी सुपरवाइजर लगवाने के नाम पर पैसे लिए थे। आरोपित के खिलाफ शहर यमुनानगर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।

पुलिस को दी शिकायत के अनुसार

पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, दुसानी निवासी अशोक कुमार फरवरी 2019 में महाराणा प्रताप पार्क में गया हुआ था। वहां पर उसकी मुलाकात जोगिंद्र पाल से हुई थी। यहां पर दोनों के बीच बातचीत हुई, तो जोगिंद्र पाल सिंह ने कहा कि उसकी कई मंत्रियों व चंडीगढ़ सचिवालय में अफसरों के साथ अच्छी जान पहचान है। वह उसो व उसके भाई आशीष कुमार को डीसी रेट पर नौकरी लगवा देगा।  इस बारे में अशोक कुमार ने अपने पिता को बताया। जिस पर उसने पिता ने भी जोगिंद्र पाल से बातचीत की। उससे दोबारा महाराणा प्रताप पार्क में मिले। उसने एक ट्यूबवैल आपरेटर की भी एक पोस्ट खाली होने के बारे में बताया। आरोपित ने कहा कि यह यह पक्की नौकरी है। इसके लिए तीन लाख रुपये का इंतजाम करना पड़ेगा। यदि दो दिन में तीन लाख का इंतजाम हो जाए, तो वह चंडीगढ़ जाकर आशीष का ज्वाइनिंग लेटर ले आएगा। जिस पर वह तैयार हो गए। दो दिन बाद उसे तीन लाख रुपये व आशीष के दस्तावेज दे दिए।

पत्नी को आंगनबाड़ी सुपरवाइजर लगवाने के नाम पर भी ठगी

आरोपित जोगिंद्र पाल ने अशोक व उसके परिवार के लोगों को पूरी तरह से झांसे में लिया हुआ था। उसने दुसानी व पुराना हमीदा में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर की पोस्ट के लिए किसी महिला के बारे में भी बात की। जिस पर अशोक ने अपनी पत्नी नीना के बारे में बात की। इसके लिए भी आरोपित ने तीन लाख रुपये मांगे। अशोक ने आरोपित से कहा कि वह पहले उसके भाई आशीष का काम करा दे। इसके बाद पत्नी के बारे में भी बात कर लेंगे, लेकिन आरोपित ने उसे धमका दिया और कहा कि वह दोनों की एक साथ नौकरी लगवा देगा। उसकी बातों में आकर तीन लाख रुपये और उसे दे दिए। बाद में आरोपित ने अलग-अलग खर्च बताकर 66 हजार रुपये और लिए। काफी समय बीतने के बाद भी जब न तो आशीष और न ही नीना की नौकरी लगी, तो अशोक ने आरोपित से बात की। जिस पर वह धमकी देने लगा। पैसे वापस मांगे, तो वह टाल मटोल करने लगा।

राजीनामा होने के बाद भी मुकरा आरोपित

अशोक ने इस मामले में दो मार्च 2021 को एसपी को शिकायत दी थी। वहां से जांच आर्थिक अपराध शाखा में गई। बाद में मौजिज लोगों के हस्तक्षेप से छह अप्रैल 2021 को चार लाख 95 हजार रुपये में राजीनामा हो गया। आरोपित ने अपनी गलती मानते हुए दो चेक दिए। जब यह चेक बैंक में लगाए, तो वह बाउंस हो गए। जब इस बारे में आरोपित से बात की, तो उसने राजीनामा मानने से इंकार कर दिया और दोबारा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।

Edited By: Naveen Dalal