घरौंडा (करनाल), संवाद सहयोगी। बीती 28 अगस्त को बसताड़ा टोल पर पेश आए लाठीचार्ज प्रकरण में दिवंगत किसान सुशील काजल के परिवार को 25 लाख रुपये और घायल हुए किसानों को सरकार ने दो-दो लाख का मुआवजा दे दिया है। कृषि कानून विरोधी आंदोलनकारी किसानों ने इसे अपनी जीत बताने के साथ ही प्रदेश सरकार का आभार भी व्यक्त किया।

सरकार ने अच्छा कार्य किया

किसान नेता हैपी औलख ने बताया कि सरकार ने तय समझौते पर अमल करते हुए यह कदम उठाकर अच्छा कार्य किया है। यह शासन प्रशासन के साथ हुए संघर्ष में आंदोलनकारियों के हौसले की जीत का प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि पिछले माह बसताड़ा टोल प्लाजा पर लाठीचार्ज होने के बाद किसानों ने घरौंडा की नई अनाज़ मंडी में महापंचायत का आयोजन किया था। इस दौरान एक वायरल वीडियो में लाठीचार्ज का आदेश देने वाले करनाल के तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा के खिलाफ मामला दर्ज करने, दिवंगत किसान सुशील काजल के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी व 25 लाख रुपए देने के साथ-साथ घायलों को दो-दो लाख रुपए देने की मांग किसान नेताओं ने की थी।

महापंचायत के बाद किया गया था लघु सचिवालय का घेराव

महापंचायत के दौरान सभी मांगों को पूरा करने के लिए आंदोलनकारियों ने छह सितंबर तक का समय सरकार को दिया था, लेकिन सरकार ने किसानों की मांग नहीं मानी। आखिरकार आंदोलनकारियों ने लामबंद होकर सात सितंबर को करनाल की नई अनाज मंडी में महापंचायत के फौरन बाद लघु सचिवालय का घेराव कर दिया था। इसके बाद शुरु हुए बेमियादी धरने के पांचवें दिन प्रदेश सरकार ने खुले तौर पर दिवंगत सुशील काजल के परिवार के दो सदस्यों को डीसी रेट पर नौकरी देने और आइएएस आयुष सिन्हा के मामले में जांच बिठाने की बात तो साफ तौर पर कही थी, लेकिन दिवंगत किसान के परिवार को 25 लाख रुपये व घायलों को दो-दो लाख रुपए देने की मांग को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो सकी थी।

खत्म हुआ असमंजस का दौर

इस मांग को लेकर कायम असमंजस की स्थिति के बीच आखिकार अब सरकार ने आनन-फानन में प्रशासन के मार्फत दिवंगत सुशील काजल के परिवार को 25 लाख रुपये व दस घायल किसानों को दो-दो लाख रुपए दे दिए हैं। किसान नेता हैप्पी औलख ने बताया कि दस घायल किसानों के पास दो-दो लाख रुपए व मृतक सुशील काजल के परिवार को 25 लाख रुपए मिल गए हैं। उन्होंने इसके लिए शासन प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

Edited By: Rajesh Kumar