कैथल, जेएनएन। कोरोना महामारी के चलते 29 अप्रैल को मंडियों में गेहूं की खरीद के कार्य को बंद कर दिया था। इसके बाद से मंडियों में कोई खरीद नहीं की गई। शहर की पुरानी व नई अनाज मंडी में 29 अप्रैल को आई करीब दस हजार क्विंटल गेहूं को कट्टों में भरकर मंडियों में ही रख लिया था। बुधवार को सरकार ने मंडियों में गेहूं की खरीद के निर्देश जारी किए। वीरवार को कई किसान मंडियों में गेहूं की ढेरी लेकर पहुंचे। करीब पांच हजार क्विंटल गेहूं मंडियों में आया, लेकिन मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने गेहूं की खरीद  करने से इंकार कर दिया। आढ़तियों के रोष को देखते हुए एसडीएम संजय कुमार मौके पर पहुंचे और आढ़तियों से बातचीत की। 

आढ़तियों ने बताया कि 29 अप्रैल को मंडी में किसान जो गेहूं लेकर आए थे उसे कट्टों में भर दिया था, ताकि गेहूं खरीद न हो। जब गेहूं की खरीद शुरू होगी तो फिर बोली करवा दी जाएगी, लेकिन अब गेहूं की खरीद करने से इंकार किया जा रहा है। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का तर्क है कि गेहूं किसका है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उक्त गेहूं के मालिक किसान को मोबाइल नंबर व आधार कार्ड साथ लेकर आना होगा, तभी गेहूं की खरीद होगी। जबकि इस गेहूं की वीडियो ग्राफी व गेट पास भी काटा गया था, लेकिन इसके बावजूद गेहूं नहीं खरीदा गया। वीरवार को आई गेहूं की ढेरी के साथ भी कई किसान न मिलने के कारण गेहूं की खरीद नहीं की गई। इसे लेकर आढ़तियों न किसानों ने रोष जताया। 

आढ़तियों व किसानों ने किया मार्केट कमेटी का घेराव

जब गेहूं की खरीद नहीं हुई तो शहर की पुरानी व नई अनाज मंडी के आढ़तियों ने एकत्रित होकर रोष जताया। आढ़तियों ने मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव करते हुए कहा कि सरकार ने जब गेहूं खरीद के निर्देश दे दिए हैं तो अधिकारी क्यों अपनी मनमानी कर रहे हैं। जब गेहूें की खरीद ही नहीं करनी तो मार्केट कमेटी वालों ने जो गेट पास के लिए लेटर लिए थे वह वापस किसानों व आढ़तियों को दिए जाए। एक तो पहले ही मौसम खराब होने के कारण किसानों व आढ़तियों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है, ऊपर से अधिकारी उन्हें परेशान करने में लगे हुए हैं। आढ़तियों के रोष प्रदर्शन को देखते हुए मार्केट कमेटी सचिव रोशन लाल ने मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद गेहूं की खरीद का कार्य शुरू किया गया।