जागरण संवाददाता, पानीपत : ओडीएफ के बाद अब जल शक्ति अभियान चलाया जाएगा। इसमें ग्रामीण विकास अभिकरण, वन विभाग, सिचाई विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व पंचायत विभाग सहित अन्य सभी संबंधित विभाग अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। विभाग लोगों को जागरूक भी आएंगे।

भारत सरकार के कैबिनेट सचिव प्रदीप कुमार सिन्हा ने बृहस्पतिवार को विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों व विभिन्न जिलों के डीसी के साथ वीडियो कांफ्रेंस पर जल शक्ति अभियान की विस्तृत योजना पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ओडीएफ अभियान को सफल बनाया है, उसी प्रकार जल शक्ति अभियान को भी मिलकर सफल बनाना है। प्रदेश के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने कहा कि जल ही जीवन विषय को लेकर लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने जिला परिषद को भी इस अभियान से जोड़ने की कही। जल शक्ति अभियान एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। अधिकारी जरूरत पड़ने पर तालाबों की क्षमता बढ़ा सकते हैं।

पानी की बर्बादी रोकनी जरूरी

डीसी सुमेधा कटारिया ने संबंधित अधिकारियों को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यर्थ बहते हुए पानी को रोकना बहुत जरूरी है। सूक्ष्म सिचाई से पानी की बचत होती है। इस योजना को अपनाने पर 85 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। इस मौके पर सिचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश कुमार सैनी, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता राजेश कुमार व विकास सिगरोहा, जिला उद्यान अधिकारी महाबीर व कृषि विभाग के उप निदेशक देवेंद्र आर्य मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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