जागरण संवाददाता, पानीपत। औद्योगिक शहर को वायु प्रदूषण से राहत मिली हुई है। बारिश होने से एयर क्वालिटी इंडेक्स पिछले 10 दिनों से 50 अंकों से नीचे चल रहा है। शनिवार को एक्यूआइ 25 अंक रहा। यह बेहतर स्थिति होती है। 0-50 अंक तक बेहतर स्थिति गिनी जाती है। हालांकि बारिश के चलते वायु प्रदूषण धूल गया है, लेकिन उद्योगों में वायु प्रदूषण नियंत्रण नही हो रहा है। पानीपत में 1200 से अधिक उद्योग हैं जिनमें बवायलर लगे हुए है। उनमें से मात्र 40 उद्योगों ने ही सीएनजी गैस पर अपने उद्योगों का चलाना शुरू किया है। एक दो यूनिट एलपीजी पर चल रहे हैं।

कोयला जलाया जा रहा है

एक हजार से अधिक उद्योग अभी भी परंपरागत ईंधन के भरोसे चल रहे हैं। इन उद्योगों में कोयला जलाया जा रहा है। गोबर के उपले से लेकर वेस्ट जलाई जाती है। 20 उद्योगों को तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने क्लोजर नोटिस भी दिए हैं। इन उद्योगों को सील करने की कार्रवाई नहीं हो पाई है। दो माह से बोर्ड के चेयरमैन का पद रिक्त पड़ा हुआ है। जैसे ही नया चेयरमैन पदभार संभालता है इन उद्योगों के खिलाफ कारर्वाई की जाएगी। ये उद्योगो, बबैल कुटानी रोड के आसपास लगे हुए हैं।

15 वेटिंग लिस्ट में शामिल

पानीपत में 40 उद्योगों ने सीएनजी कनेक्शन ले लिए है। 15 के आवेदन कंपनी में जमा है। जिन क्षेत्रों में सीएनजी पाइपलाइन की आपूर्ति शुरू हो गई है। उन क्षेत्रों में नया उद्योग लगाने के लिए सीएनजी कनेक्शन अनिवार्य किया गया है। अदानी आइओसीएल के डायरेक्टर अनिल डबास का कहना है। हम सभी उद्योगों को सीएनजी कनेक्शन देने के लिए तैयार है।

नई यूनिट सीएनजी पर ही

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कमलजीत सिंह का कहना है कि नए उद्योगों सीएनजी गैस पर ही लग रहे हैं। प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। कई उद्योगों को नोटिस दिए गए हैं।

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Edited By: Umesh Kdhyani