जागरण संवाददाता, पानीपत : बिजली की सुविधा से अधिक लोगों को बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से असुविधा झेलनी पड़ रही है। बिजली निगम में छह में से दो कर्मचारी छुट्टी पर रहे। उपभोक्ताओं को अपनी समस्या को बताने में काफी इंतजार करना पड़ा। मंगलवार को सबसे अधिक उपभोक्ता बिजली के गलत बिल लेकर पहुंचे। उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली कर्मचारी दफ्तर में बैठकर मनमर्जी से बिल जारी कर रहे हैं। दो दिन पहले 16 रुपये का बिल जारी करने के बाद विभाग ने 15 हजार रुपये का बिल भेज दिया। री¨डग लिये बिना ही बिजली बिल जारी किये जा रहे हैं। 12 तारीख को 16 रुपये, 15 तारीख को जारी कर दिया 15 हजार का बिल-------फोटो---34बी शहर की दत्ता कालोनी के करण ¨सह ने बताया कि बिजली का उपभोग न करने के कारण 12 अक्टूबर को उसका 16 रुपये का बिल जारी किया गया था। बिल देने आये कर्मचारी ने कहा था कि इस माह आपको बिल नहीं भरना है। 15 अक्टूबर को बिजली निगम की ओर से 15 हजार आठ सौ 25 रुपये का दसवें माह का ही दूसरा बिल जारी कर दिया। बिजली निगम के गलत बिलों के कारण दिल की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। अब कर्मचारी एक जगह से दूसरी जगह चक्कर कटा रहे हैं। दो पंखे और पांच सीएफएल का भेजा आठ हजार बिल----फोटो----34 नूरवाला के राजेश ने बताया कि भरी गर्मी में भी उसकी दुकान का प्रतिमाह का दो हजार रुपये बिल आता था। अब बीते दो माह का आठ हजार रुपये बिल बनाया गया है। जबकि वह केवल दो पंखें और चार सीएफएल चालू रखते हैं। पिछली बार भी 25 हजार रुपये का बिल भरना पड़ा था। बिजली कर्मचारियों की गलती का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। 21 री¨डग पर भेजा 1961 का बिल-----फोटो----24ए नूरवाला की निर्मला ने बताया कि बिजली कर्मचारी री¨डग लिए बिना ही बिल जारी कर रहे हैं। बीते माह 112 री¨डग पर उसके छह सौ रुपये का बिल जारी किया गया। अब दसवें माह में उसकी 21 री¨डग पर ही 1961 रुपये का बिल बनाकर भेज दिया। इसे ठीक कराने के लिये कई दिनों से चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

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