पानीपत, जेएनएन - आनलाइन ठग शहर के शिक्षित लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। पीड़ित रिटायर्ड बैंक मैनेजर तक हैं। दूसरे लोगों को नसीहत देते थे कि किसी अनजान को मोबाइल फोन पर खाते की जानकारी न दें। ओटीपी नंबर न दें। खुद भी ठगी के शिकार हो गए। 

किसी को डेबिट कार्ड अपडेट कराने को तो किसी को बैंक खाता वेरिफिकेशन कराने का झांसा देकर ठगा गया है। ठग वारदात में इस्तेमाल मोबाइल नंबर भी फर्जी लेते हैं। इसी वजह से पुलिस भी ठगों तक नहीं पहुंच पाती है। हर सप्ताह ठगी का एक मामला दर्ज हो रहा है।

केस-एक :  लक्षदीप घूमाने का झांसा देकर डाक्टर से 94500 रुपये ठगे

सुखेदव नगर निवासी डाक्टर से लक्षदीप होलीडेज कंपनी द्वारा 94500 रुपए की ठगी कर ली। डा. नवदीप गोयल ने पुलिस को शिकायत दी कि उन्होंने परिवार के साथ लक्षदीप के आईलैंड पर छुट्‌टी मनाने के लिए इंटरनेट के माध्यम से लक्षदीप हॉलीडेज कंपनी से पैकेज खरीदा था। कंपनी ने  94500 रुपए में हवाई किराया, होटल, खाना-पीना और घूमने का खर्च बताया। उन्होंने कंपनी के बैंक अकाउंट में दो बार में पूरी रकम जमा दी। उन्हें लक्षदीप नहीं भिजवाया और ठगी कर ली।

केस-दो :  रिटायर्ड डिप्टी मैनेजर से ठग लिए 47999 रुपये

ठग ने खुद को एसबीआइ (स्टेट बैंक आफ इंडिया) का मैनेजर बताकर एसबीआइ के सेवानिवृत्त डिप्टी मैनेजर को ही ठग लिया। एसबीआइ के सेवानिवृत्त डिप्टी मैनेजर क्रांति नगर के भीम सिंह ने पुलिस को शिकायत दी कि भूपिंद्र नामक व्यक्ति ने काल कर कहा कि वह एसबीआइ नोएडा हेड क्वार्टर से बोल रहा है। आपका डेबिट कार्ड एक्सपाइर होने वाला है। इसका नंबर बताएं, ताकि दूसरा डेबिट कार्ड दस दिन में मुहैया कराया जा सके।  डेबिट कार्ड एक्सपायर बता दिया। झांसा देकर आनलाइन 47999 रुपये ठग लिए।

Edited By: Ravi Dhawan

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