यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राहत की खबर, यमुनानगर में NSDC पर अवैध दिखाई संपत्तियों जल्द होंगी वैध, लिस्ट ULB को भेजी
ट्वीन सिटी की 60000 संपत्तियों को एनडीसी पोर्टल पर अवैध दिखा दिया। जबकि यह संपत्तियां वैध है। अधिकांश पाश एरिया ...और पढ़ें

यमुनानगर, जागरण संवाददाता। नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच की गलती को सुधारने की कवायद शुरू हो गई है। यमुनानगर - जगाधरी की 15 हजार संपत्तियों की लिस्ट जांच के बाद निदेशक शहरी स्थानीय निकाय विभाग के पास भेजी है। ताकि इनको दुरुस्त किया जा सके। बता दें कि ट्वीन सिटी की 60000 संपत्तियों को एनडीसी पोर्टल पर अवैध दिखा दिया गया। जबकि यह संपत्ति वैध है। अधिकांश पाश एरिया में है। जैसे ही मामले का खुलासा हुआ तो संपत्ति मालिकों में हड़कंप मच गया। हर दिन लोग इस गलती को सुधारने के लिए नगर निगम कार्यालय में पहुंचने लगे। लेकिन इस गलती को निगम स्तर पर नहीं सुधारा जा सकता था इसलिए इनकी लिस्ट निदेशक कार्यालय में भेजी गई है। उम्मीद है अब जल्दी ही अवैध दिखाई गई संपत्तियों को पोर्टल पर वैध करार दे दिया जाएगा।
शहर वासियों को मिलेगी बड़ी राहत
वैध संपत्तियों को एनडीसी पोर्टल पर अवैध दिखा देने के बाद शहरवासियों की परेशानियां बढ़ गई। क्योंकि इन संपत्तियों को पोर्टल पर अवैध दिखा देने से मालिकों को नो ड्यू क्लीयरेंस नहीं मिल पा रही थी। जिसके चलते संपत्तियों की खरीद-फरोख्त व रजिस्ट्री संबंधी काम रुक गए। शहरवासी अपनी प्रोपर्टी को वैद्य कराने के लिए लगातार नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। शहरवासियों के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलर भी निगम की बिल्डिंग ब्रांच के खिलाफ इस मामले को लेकर मोर्चा खोल चुके हैं। असिस्टेंट टाउन प्लानर व मेयर के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर चुके हैं। इनकी मांग है कि एनडीसीसी पोर्टल का झंझट खत्म किया जाए। यहां बता दें कि नई व्यवस्था के अनुसार शहर की तमाम संपत्तियां एनडीसी पोर्टल पर अपलोड कर दी गई हैं।
निगम एरिया में एक लाख 66 हजार संपत्तियां
नए सर्वे के मुताबिक नगर निगम एरिया में एक लाख 66 हजार संपत्तियां हैं। इनमें से करीब 40 हजार संपत्तियों को अवैध दिखा दिया गया। इन संपत्तियों को एनडीसी पोर्टल पर वैध करवाने के लिए मेयर मदन चौहान काफी प्रयास कर रहे हैं। शहरवासियों की परेशानियों को देखते हुए उन्होंने इस संदर्भ में सीएम मनोहर लाल व शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक से भी बात की। उसके बाद इन संपत्तियों की लिस्ट ऐसे कार्यालय में मंगवाई गई। इससे पहले निगम की बिल्डिंग पहुंचने इन तमाम संपत्तियों की जांच की। इन संपत्तियों के वैध होने से संबंधित प्रमाण जुटाए गए।
एटीपी के तबादले की मांग कर रहे प्रॉपर्टी डीलर
वेद संपत्तियों को अवैध करार दिए जाने के लिए प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन असिस्टेंट टाउन प्लानर को कसूरवार ठहरा रहे हैं। उनके मुताबिक जानबूझकर शहरवासियों की परेशानी बढ़ाने के लिए ऐसा किया गया है। जिसके चलते गत दिनों निगम की बिल्डिंग ब्रांच के सामने प्रदर्शन भी किया जा चुका है। प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी असिस्टेंट टाउन प्लानर के तबादले की मांग कर रहे हैं। चर्चा है कि उनसे एटीपी का चार्ज ले लिया गया है।
प्रापर्टी डीलर एसोसिएशन के जिला प्रधान व पार्षद विनोद मरवाह का कहना है कि एनडीसी का झंझट खत्म किया जाना चाहिए। पुरानी तर्ज पर ही रजिस्ट्रियों को खोला जाए। क्योंकि जब से यह वेबसाइट जारी हुई है, तभी से लोगों को अपनी मलकीयत की तहसील परिसर में अपने नाम रजिस्टरी करवाने में दिक्कत आ रही है। पाश एरिया में होने के बावजूद संपत्तियां अवैध कालोनियों दिखा दी गई हैं। जिसके चलते रजिस्ट्रियां नहीं हो पा रही हैं। दूसरे आवश्यक कार्य भी रुके हुए हैं।
जल्द होगी परेशानी दूर
मेयर मदन चौहान ने बताया कि यमुनानगर जगाधरी शहर की काफी संपत्तियों को एनडीसी पोर्टल पर अवैध दिखाई जा रहा है। यह किसकी गलती से हुआ है इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल इस गलती को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन संपत्तियों की जांच के बाद लिस्ट निदेशक कार्यालय में भेज दी गई है। उम्मीद है जल्दी ही यह समस्या दूर हो जाएगी।
