पानीपत, जेएनएन। स्क्रैप व्यापारी समेत तीन लोगों को हनीट्रैप में फंसाने वाली महिला पानीपत के अलावा दिल्ली, रोहतक और देहरादून तक के लोगों को फंसा चुकी है। पहले दोस्ती करती, फिर उन्हीं पर दुष्कर्म का केस दर्ज करा देती है। शिकायत वापस लेने और समझौता करने की एवज में पांच से 10 लाख रुपये ऐंठ लेती। कुछ केसों में तो उसने चार बार तक समझौता किया। उधर, ताजा मामले में पुलिस की भूमिका भी कम संदिग्ध नहीं है। जिस सब इंस्पेक्टर योगेश कुमारी पर इस पूरी साजिश में साथ देने का आरोप लगा है, उसे अब तक सस्पेंड तक नहीं किया गया। तीन दिन तक एसआइटी उससे पूछताछ करती रही, जब केस दर्ज हुआ तो वो फरार हो गई।

एक दिन पहले अग्रिम जमानत के प्रयास में थी एसआइ

एक दिन पहले ही आरोपित सब इंस्पेक्टर योगेश कुमारी अग्रिम जमानत लेने पहुंची थी। बड़ा सवाल यह है कि पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस मामले में डीएसपी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पीआरओ ही जवाब देंगे। 

जानिये, ऐसे फंसाती थी, ऐसे करती समझौता 

मच्छरौली में तीन बार समझौता 

40 वर्षीय इस महिला ने मच्छरौली के एक युवक को फंसा लिया। पीडि़त ने जब रुपये नहीं दिए तो उसकी शिकायत दे दी। समझौते की एवज में रुपये ले लिये, लेकिन शिकायत वापस नहीं ली। मंथली बांधना चाहती थी। इसी प्रयास में चार बार रुपये लिए। जब पीडि़त और रुपये नहीं देने पर अड़ गया तब  शिकायत वापस ले ली। 

मतलौडा में साढ़े चार लाख में किया था समझौता 

मतलौडा में एक केस दर्ज कराया। पहले तो उसने 10 लाख रुपये मांगे। सौदा साढ़े चार लाख में तय हुआ। इसके बाद शिकायत ले ली।

घर में सीसीटीवी थे, फुटेज दिखा डराती थी

चार से पांच केस तो ऐसे भी थे, जिसमें शिकायत भी नहीं दी और रुपये ऐंठ लिये। दरअसल उसने सीढिय़ों और ड्राइंग रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए है। लोगों को अपने घर बुलाती। उनकी रिकॉर्डिंग कर लेती। यही दिखाकर रुपये ऐंठ लेती। इस तरह से पुलिस को शिकायत तक देने की जरूरत नहीं रहती। 

मां से भी दर्ज कराई शिकायत 

एक शिकायत तो मां के माध्यम से भी दर्ज कराई। मतलौडा में छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। अब पुलि जांच यह भी हो रही है कि क्या उसकी मां भी उसके साथ शामिल थी। 

एक केस में दो से दस दिन तक लगते 

एक बार कोई इसके चंगुल में आ जाता तो दो से दस दिन के अंदर-अंदर उसे फंसा ही लेती। न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहती थी। पुलिस अब इसके गिरोह में शामिल लोगों को भी तलाश रही है। दरअसल, जिनको फंसाया, उनमें आसपास के लोग तो थे ही, मतलौडा से लेकर देहरादून तक नेटवर्क फैल गया था। यह काम बिना सहयोग के नहीं हो सकता। 

होटल भी जाती थी 

वैसे तो महिला इस काम के लिए लोगों को अपने ही घर बुलाती। कई बार ऐसा भी हुआ, जब लोगों ने घर आने से इन्कार कर दिया। तब होटल का भी सहारा लिया। हालांकि तब उसे पुलिस को शिकायत देनी ही होती, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज होटल से निकलवाना आसान नहीं होता था। 

जागरण सवाल : क्या गब्बर सिंह संज्ञान लेंगे 

गब्बर सिंह के नाम से मशहूर हुए गृहमंत्री अनिल विज कहते रहे हैं कि वे पुलिस को भ्रष्टाचार मुक्त करना चाहते हैं। अपनी बात को साबित करने के लिए थानों में छापे भी मारते हैं। लेकिन सुधार नहीं हो रहा। पानीपत में तो पुलिस ने ही अपनी कर्मी को भागने का मौका दे दिया। क्या गब्बर सिंह संज्ञान लेंगे। एसआइटी पर ही क्यों नहीं कार्रवाई की जानी चाहिए, जिसने पूछताछ की तब भी सब इंस्पेक्टर योगेश कुमारी उनके हाथ से निकल गई। योगेश पर 120 बी, भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ है। पीसी एक्ट के तहत 7, 8, 13, 203, 384, 389 की धारा लगी है।  

ये केस दर्ज कराए महिला ने 

चांदनी बाग थाने में 2015 में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया 

चांदनी बाग थाने में 2010 में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया, एफआइआर 526

चादंनी बाग थाने में 2010 में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया, एफआइआर 626

चांदनी बाग थाने में 2017 में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया

चांदनी बाग थाने में 2017 में छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया

देहरादून में 2013 में छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया 

विजय विहार, दिल्ली में 2011 में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया 

रोहतक में 2015 में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया 

बेगमपुर दिल्ली में 2015 में छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया 

तिलक मार्ग, नई दिल्ली में 2012 में छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया 

मनाली में छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया 

हरिद्वार में एक केस दर्ज करवाया

सनौली रोड चौकी पर चोरी की शिकायत दी 

मतलौडा में मां के माध्यम से मतलौडा में छेड़छाड़ की शिकायत दी 

लगभग दस डीडीआर दर्ज करवाकर लोगों को ब्लैकमेल कर चुकी है 

नोट : इनमें से कुछ केस की जांच चल रही है, तो कुछ में शिकायत वापस ली गई है

Posted By: Anurag Shukla

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