जागरण संवाददाता, पानीपत : नव विक्रम संवत्सर 2077 पर वातावरण को शुद्ध करने के लिए समाजसेवी संस्थाएं एकजुट होकर सामने आई हैं। कोरोना वायरस की चुनौतियों से लड़ने के लिए 250 जड़ी बूटियों से युक्त विशेष हवन सामग्री तैयार की गई है। सर्व संगठन सेवा संस्थान, वेदांत परिवार, गोशाला सोसाइटी तथा भारत विकास परिषद के पदाधिकारी 25 मार्च को घर-घर में हवन को प्रोत्साहित करते हुए सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं।

सर्व संगठन के सरपरस्त हरिओम तायल के साथ सुरेश काबरा, कुलबीर खरब, ललित गोयल और विवेक कात्याल सहित टीम के सदस्य इस प्रयास में लगे हैं कि कोरोना की चुनौतियों से लड़ने के लिए हर घर में लोग स्वजनों के साथ हवन करें। इसलिए भी सामग्री घर-घर पहुंचाई जा रही है ताकि लॉकडाउन में किसी को घर से बाहर नहीं निकलना पड़े। हरिओम तायल ने बताया कि विशेषज्ञों के निर्देशन में केसर, जायफल, जावित्री, लौंग, इलायची सहित 250 जड़ी बूटियों का प्रयोग करते हुए सामग्री तैयार की गई है। संस्थाओं की तरफ से सनातन धर्मावलंबियों को साथ ही तुलसी का पौधा, ऊं झंडा व डंडा, मौली, गंगोत्री का गंगाजल, आम की लकड़ी की समिधा, गाय के गोबर के उपले उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पॉलीथिन को हतोत्साहित करने के लिए विशेष रूप से कपड़े के थैले में सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

हरिओम तायल ने कहा कि गणना के अनुसार यह सृष्टि की उत्पत्ति का एक अरब 96 करोड़, आठ लाख 53 हजार,121वां वर्ष है। पानीपत के सभी सनातनी संगठनों का प्रयास है कि आने वाले वर्षों में नव संवत्सर का उत्सव एक जनवरी से ज्यादा उत्साह से मनाया जाए। सनातनी जीवन पद्धति को शुद्धता से अपनाकर ही कोरोना वायरस जैसी चुनौती से निपटा जा सकता है। सार्वजनिक आयोजन के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की गई थी परंतु अब घर-घर में हवन की रणनीति बनाई गई है।

Posted By: Jagran

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