विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana: विनेश फोगाट बोली- फेडरेशन की गोद में बैठे योगेश्वर, दत्त का पलटवार- कोई कुछ भी बोल सकता है

By Jagran NewsEdited By: Himani Sharma
Published: Fri, 20 Jan 2023 03:29 PM (IST)

हरियाणा में कुश्‍ती संघ के अध्‍यक्ष विवाद में हरियाणा के रेसलर्स भिड़ गए हैं। रेसलर विनेश फोगाट ने योगेश्वर दत्‍त ...और पढ़ें

विनेश फोगाट बोली- फेडरेशन की गोद में बैठे योगेश्वर, दत्त का पलटवार- कोई कुछ भी बोल सकता है
विनेश फोगाट बोली- फेडरेशन की गोद में बैठे योगेश्वर, दत्त का पलटवार- कोई कुछ भी बोल सकता है

हरियाणा, पानीपत: कुश्ती संघ के अध्यक्ष सांसद बृजभूषण सिंह पर विवाद में अब हरियाणा के रेसलर्स आपस में भी भिड़ गए हैं। दिल्ली धरने पर बैठी रेसलर विनेश फोगाट ने दूसरे पहलवान योगेश्वर दत्त पर आरोप लगा दिए। विनेश फोगाट ने कहा कि योगेश्वर दत्त फेडरेशन की गोद में जाकर बैठ गए हैं। इसके जवाब में पहलवान से बीजेपी नेता बने योगेश्वर दत्त बोले कि कोई कुछ भी बोल सकता है। वे ओलिंपिक के बाद फेडरेशन में कभी भी नहीं गए।

Panipat: छह सदस्यों के शव देख बूढे मां-बाप का बैठा दिल, आस-पड़ोस के लोग भी जनाजे में पहुंचे

विनेश फोगाट ने कहा- हमारे पास सबूत

​​​​​​दिल्ली में धरने पर बैठी पहलवान विनेश फोगाट ने कहा - योगेश्वर दत्त जी तो खुद रेसलिंग फैडरेशन की गोद में जा बैठे हैं। आप देख लीजिए, जितने भी खिलाड़ी हैं.. टोक्यो ओलिंपिक में 2 मेडल लाए थे, कहां बैठे हैं.. रियो में आए थे, कहां बैठे हैं आज...। एक सिर्फ योगेश्वर दत्त जी हैं, जो बड़े खिलाड़ी हैं, बाकी तो उनके गुर्गे पाल रखे हैं, वो तो आएंगे ही सामने। उन्होंने जो डाल रखा था, डिलीट कर दिया है। नहीं तो उनके खिलाफ भी हमारे पास सबूत हैं, टाइम आने पर सामने लाएंगे।

योगेश्वर दत जवाब - सिर्फ एक बार फेडरेशन गया

पहलवान योगेश्वर दत्त ने विनेश फोगाट के इस बयान पर कहा- देखो, मैं बताता हूं आपको, कहने को कोई कुछ भी बोल सकता है। 2017 में मैंने रेसलिंग छोड़ी थी। उसके बाद आज तक सिर्फ 2022 में मैं एक बार फेडरेशन में गया हूं। वह भी कोई काम रहा होगा। 1 या 2 बार मेरी बृजभूषण जी से मुलाकात हुई है। इतना जरूर है कि किसी बहन के साथ गलत हुआ है तो कार्रवाई होनी चाहिए। कौन गोद में बैठता है और कौन नहीं, यह तो सभी जानते हैं। वे हमेशा खिलाड़ियों के साथ खड़े रहे हैं। खेल मंत्री से भी बात की है।

Haryana News: मोबाइल पर भी सीएम विंडो की शिकायतों की निगरानी