पानीपत, जागरण संवाददाता। हरियाणा के राजकीय स्कूलों में सुगम शिक्षा के अंतर्गत पढ़ाने वाले सेवानिवृत शिक्षकों को लेकर खबर है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने उक्त शिक्षकों की सेवाएं स्थगित करने, यानि उन्हें भारमुक्त करने के अपने फैसले को दूसरे दिन ही बदल दिया है। अब आगामी आदेशों तक उनकी सेवाएं बनी रहेंगी। इसको लेकर निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिख निर्देश दिए हैं। जिले में भी राजकीय माडल संस्कृति सीसे व अन्य स्कूलों में उक्त सेवा के तहत अनेक शिक्षक विद्यार्थियों को अक्षर का ज्ञान दे रहे हैं।

शिक्षकों की सेवाएं आगामी आदेशों तक स्थगित करने के निर्देश दिए

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर माह में सुगम शिक्षा के अंतर्गत राजकीय माडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए विभाग द्वारा उक्त स्कूलों में रिक्तियों के समक्ष सेवानिवृत्त प्राध्यापकों व अध्यापकों की सेवाएं लेने का फैसला लिया था। इसको लेकर निदेशालय की तरफ से प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी व मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखने के साथ आवेदन को लेकर पोर्टल भी खोला गया था। उनकी सेवाएं शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए 31 मार्च तक ली जानी हैं। कोरोना के चलते हाल में प्रदेश भर में स्कूल बंद है तो निदेशालय ने 25 जनवरी को पत्र जारी कर सेवानिवृत शिक्षकों की सेवाएं आगामी आदेशों तक स्थगित करने के निर्देश दिए थे।

इन स्कूलों में थे इतने रिक्त पद

जिले में छह राजकीय माडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल है। इन स्कूलों में बिल्डिंग आदि की व्यवस्था से लेकर स्टाफ की काफी कमी खल रही है। पिछले साल सितंबर माह में जब विभाग ने सुगम शिक्षा के अंतर्गत सेवानिवृत शिक्षकों की सेवा लेने के निर्देश दिए थे तो जिले के राजकीय माडल संस्कृति सीसे स्कूल लाल बत्ती पानीपत में 31, इसराना में 11, गोयला खुर्द में 8, राजाखेड़ी में 8 पीजीटी व टीजीटी के पद रिक्त थे। इसी तरह मतलौडा व चुलकाना स्कूल में कुछ पद खाली थे।

आगामी आदेशों तक बनी रहेंगी सेवाएं

निदेशालय के डीईओ व डीईईओ को 25 जनवरी को लिखे पत्र की निरंतरता में आग्रह करते हुए लिखा है कि अपने क्षेत्राधिकार के मुखिया या प्रभारी को निर्देशित करें कि पुर्ननियुक्ति आधार पर लगे सेवानिवृत अध्यापकों व प्राध्यापकों को सेवा मुक्त न किया जाए। इनकी सेवाएं आगामी आदेशों तक जारी रखी जाएं। जबकि दो पहले के पत्र में तुुरंत प्रभाव से भारमुक्त करने के निर्देश दिए थे।

Edited By: Naveen Dalal