हरियाणा में ब्लैकआउट! 40000 बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से अंधेरे में डूबे शहर, अनिल विज ने भेजा बातचीत का न्योता
हरियाणा में 40,000 बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण व्यापक बिजली कटौती हुई, जिससे शहर और गांव अंधेरे में डूब गए।

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल जारी (जागरण फोटो)
HighLights
40,000 बिजली कर्मचारी समानांतर लाइसेंस के विरोध में हड़ताल पर
पूरे हरियाणा में व्यापक बिजली कटौती, प्रशासनिक व्यवस्थाएं विफल रहीं
अनिल विज ने हड़ताल खत्म कर बातचीत का प्रस्ताव दिया
जागरण टीम,पानीपत। निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के विरोध में प्रदेश के करीब 40 हजार बिजली कर्मचारी और अभियंता तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए। पहले ही दिन बिजली व्यवस्था संभालने के प्रशासनिक प्रबंधों की हकीकत सामने आ गई।
शुक्रवार को हरियाणा के हालात देखते हुए ऊर्जा और परिवहन मंत्री अनिल विज ने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म के जरिए कर्मचारियों से अपील की कि वे हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर आ जाएं। परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार सभी विकल्पों पर बातचीत करने के लिए तैयार है। इसमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 108 पर कार्यवाही करना भी शामिल है।
हरियाणा के हड़ताल पर गए कर्मचारियों से अपील हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर आयें । सभी विकल्पों पर बातचीत करने के लिए हम तैयार हैं । इसमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 108 पर कार्यवाही करना भी शामिल है ।
— Anil Vij Minister Haryana, India (@anilvijminister) October 23, 2026
शहरों में रही बत्ती गुल
शहरों से गांवों तक आपूर्ति बाधित रही, फाल्ट ठीक करने के लिए तकनीकी कर्मचारी नहीं मिले और शिकायतों का अंबार लगता गया। कई क्षेत्रों में रातभर बिजली गुल रहने से पेयजल संकट गहरा गया।
करनाल के निसिंग और फरीदाबाद के एनआइटी में लोगों ने सड़क पर उतरकर रोष जताया। कुरुक्षेत्र के इस्माईलाबाद में वीरवार शाम सात बजे लोगों ने अंबाला-हिसार नेशनल हाइवे-65 जाम कर दिया।
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फोटो- लोगों ने छत पर सोकर गुजारी रात
प्रशासन ने बिजलीघरों पर पुलिस तैनात करने के साथ दूसरे विभागों के कर्मचारियों, आइटीआइ विद्यार्थियों और ठेकेदारों के कर्मियों की मदद ली, लेकिन तकनीकी दक्षता के अभाव में वैकल्पिक इंतजाम भी बेअसर साबित हुए। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल विज का कहना है कि सरकार आयोग के आदेश को चुनौती देने के लिए विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील करेगी।
जिलों में बेहाल रहे लोग
हिसार: सर्कल में 23 घंटे से 355 क्षेत्र ब्लैकआउट रहे। सुबह छह से शाम छह बजे तक 97 प्रतिशत स्टाफ हड़ताल पर रहा। कर्मचारी नेताओं ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को एक दिन में 27 हजार करोड़ की चपत लगने की बात कही।
रोहतक: महम और सांपला के ज्यादातर गांवों में आधी रात से अंधेरा रहा। वीरवार दोपहर ढाई बजे तक ही 800 से अधिक शिकायतें पहुंचीं। औद्योगिक क्षेत्र की सिटी लाइन बंद होने से सात कॉलोनियों की आपूर्ति ठप हुई।

सिरसा: कालांवाली और नाथूसरी चोपटा में रात से आपूर्ति बंद रही। निगम ने ठेकेदार के 20 कर्मचारी और आइटीआइ के 176 अप्रेंटिस लगाए। हांसी : 12 सब स्टेशन और फीडर क्षेत्रों की आपूर्ति बाधित रही। तीन क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई नहीं हो सकी। सात बिजली केंद्रों पर 56 सुरक्षाकर्मी लगाए गए।
झज्जर: शहर के 23 में से 10 फीडर ब्रेकडाउन रहे। प्रशासन ने स्थिति संभालने के लिए 132 तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध कराए।
फतेहाबाद: 73 में से 21 सबस्टेशन बंद रहे। टोहाना के 132 केवी सबस्टेशन पर धमाके से आधे शहर की बिजली गुल हुई।

फोटो- रात में दुकानें सुनसान नजर आईं
सीएम सैनी ने कहा- वार्ता के रास्ते खुले
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कर्मचारियों से हड़ताल पर न जाने की अपील करते हुए कहा कि बातचीत के रास्ते खुले हैं। हालांकि, ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने हड़ताल को बेवजह बताया और कर्मचारियों से आंदोलन छोड़कर साथ आने को कहा था।
दूसरी ओर इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन आफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने आरोप लगाया कि सरकार पैरलल लाइसेंस रोकने के बजाय कर्मचारियों को एस्मा की धमकी दे रही है। उन्होंने कहा कि लाइसेंस रद न हुआ तो 24 अक्टूबर को बैठक कर हड़ताल आगे बढ़ाई जाएगी।
समर्थन में उतरे विभिन्न संगठन
इनेलो का आरोप: पूर्व वित्त मंत्री एवं इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने चंडीगढ़ में कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत आयोग का फैसला रद करें। उन्होंने आरोप लगाया कि इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड की कुल पूंजी एक करोड़ रुपये है, जबकि उसे 4,700 करोड़ की परियोजना का लाइसेंस दे दिया गया।

फोटो- गांव नारा में ब्लैकआउट बुधवार रात 10:00 के बाद नहीं आई लाइट
कांग्रेस के सवाल: कांग्रेस के रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कंपनी का गठन एक साल पहले हुआ बताया जा रहा है। सरकार स्पष्ट करे कि चयन किन मानकों पर हुआ।
इंजीनियरों की मांग: ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने पंचकूला में कहा कि मुख्यमंत्री कैबिनेट बैठक बुलाकर कहीं भी समानांतर लाइसेंस न देने की नीति बनाएं। सरकार केवल अपील तक सीमित न रहे।
किसान और खाप: जींद और हांसी में किसान संगठनों ने हड़ताल को समर्थन दिया। कंडेला खाप और हरियाणा सोलर एसोसिएशन ने भी लाइसेंस वापस लेने की मांग की।
