घरौंडा (करनाल), संवाद सहयोगी। श्रीनगर बार्डर पर बीएसएफ में तैनात कैमला गांव के जवान की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। शहीद एसआई विनोद कुमार श्रीनगर बार्डर पर रेडियो मेकेनिक के पद पर तैनात था। वीरवार की शाम शहीद का पार्थिव शरीर टावर कालोनी स्थित आवास पर पहुंचा। इसी दौरान बाइक तिरंगा यात्रा बीएसएफ की गाड़ी के आगे-आगे चल रही थी। शहर की शिवपुरी में शहीद का राजकीय सम्मान के साथ दाह-संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में शहर के राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक व गणमान्य लोगों के साथ-साथ भारी संख्या में युवा शामिल हुए।

कैमला गांव का रहने वाला था विनोद

कैमला निवासी विनोद कुमार धीमान (53 वर्षीय) पुत्र ओमप्रकाश धीमान वर्ष-1990 में बीएसएफ में रेडियो मेकेनिक के पद पर भर्ती हुआ था। विनोद की पहली पोस्टिंग राजस्थान में हुई थी। अब विनोद बीएसएफ में एसआई के पद पर तैनात था और श्रीनगर बार्डर पर अपनी सेवाएं दे रहा था। शहीद के परिजनों के मुताबिक, 25 मई की सुबह विनोद ने खूब एक्सरसाइज भी की थी और दिनचर्या के अनुसार काम किया। सुबह करीब साढ़े आठ बजे अचानक विनोद के सीने में तेज दर्द हुआ। वहां मौजूद जवानों ने उसे अस्पताल में भी भर्ती कराया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हार्ट फेल्योर को मौत का कारण माना जा रहा है।

एक जून को छुट्टी पर आना था विनोद ने

शहीद के चचेरे भाई मनीष धीमान ने बताया कि विनोद का परिवार घरौंडा की टावर कालोनी में कई सालों से रह रहा था। विनोद के दो लड़के हैं। बड़ा लड़का चंचल यूएसए में पढ़ाई कर रहा है और छोटा लड़का विनय प्राइवेट जाब पर है। चूंकि उसका बड़ा लड़का यूएसए से इसी माह लौटा था और विनोद को भी एक जून को छुट्टी आना था। मनीष ने बताया कि वह इन छुट्टियों को अपने बेटे के साथ बिताना चाहता था और अपने बड़े बेटे के लिए अच्छा सा रिश्ता देखने वाला था लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। इस घटना से परिवार को बहुत बड़ा आघात पहुंचा है। पूरे परिवार में मातम पसरा हैं।

बिलख-बिलख कर रोये शहीद के स्वजन

बुधवार की सुबह हार्ट फेल्योर की वजह से विनोद की मौत हो गई थी। जिसकी सूचना परिजनों को बुधवार सुबह ही दे दी थी। वीरवार को दोपहर दो बजे श्रीनगर से फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी। जहां से बीएसएफ के जवान अपनी गाड़ी में शव को लेकर करीब पांच बजे घरौंडा पहुंचे। पानीपत टोल से कैमला के ग्रामीण युवा बाइक तिरंगा यात्रा के साथ गाड़ी के आगे-आगे चल रहे थे। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो परिजन बिलख-बिलख कर रो पड़े। किसी को उम्मीद नहीं थी कि ऐसा कुछ हो सकता है।

इंटरनेट मीडिया पर भी डाली गई पोस्टें, शहीद को किया नमन

बीएसएफ जवान विनोद कुमार के शहीद होने की सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं व युवाओं ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर शहीद की शहादत का नमन किया। घरौंडा की शिवपुरी में शहीद विनोद कुमार राजकीय सम्मान के साथ दाह-संस्कार किया गया। बीएसएफ की टुकड़ी ने गार्ड आफ आनर के साथ शहीद को सलामी दी। सहायक कंमाडेंट गोपाल राय मीणा ने शहीद के पिता ओमप्रकाश व पुत्र चंचल को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा। मीणा ने कहा कि

बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि, राजनेतिक व प्रशासनिक अधिकारियों ने किया शहीद को नमन

ऐसे वीर सपूत हर घर में पैदा हों। शहीद के पिता मास्टर ओमप्रकाश ने कहा कि विनोद कुमार ने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। विनोद मिलनसार था। जिस तरह का सपूत उनके घर में पैदा हुआ, वैसे ही सपूत दूसरे घरों में भी पैदा हो। युवाओं को भी शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है। विधायक हरविंद्र कल्याण ने कहा कि विनोद धीमान ने बीएसएफ में लगभग 32 वर्ष तक सेवाएं दी और शहीद विनोद की देश सेवा को कभी भुलाया नहीं जा सकता। देश के लिए सेवा और निष्ठा के साथ काम करना बड़े गौरव की बात है।

Edited By: Naveen Dalal