जागरण संवाददाता, पानीपत : टेक्सटाइल उद्योगों के समक्ष वर्तमान समय में अनेक चैलेंज है। चीन से यहां के उद्योगों की सीधी टक्कर होने के कारण टेक्सटाइल निर्यात में पानीपत के निर्यातकों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। घरेलू मार्केट में काम करने वाले कई टेक्सटाइल उद्योग बंद हो चुके हैं। पानीपत टेक्सटाइल ट्रेडिग का हब बनता जा रहा है। इससे बेरोजगारी को बढ़ावा मिलना तय है। पानीपत के टेक्सटाइल उद्योगों को बचाने के लिए हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स (एचसीसीआई) के चेयरमैन विनोद खंडेलवाल ने हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के एमडी को पत्र लिखकर उद्यमियों के साथ बैठक करने की मांग की है। इस बैठक में टेक्सटाइल उद्योगों के समक्ष आ रही समस्याओं को लेकर उद्यमी अपनी बात रखना चाहते हैं।

विनोद खंडेलवाल का कहना है कि सबसे अधिक समस्या उद्योगों को तकनीकी अपग्रेड की है। उद्योगों को आधुनिक बनाया जाना जरूरी है। साथ ही इसके लिए टेक्सटाइल रिसर्च केंद्र खुलना चाहिए। जिससे नए-नए डिजाइन बन सके। वर्कर भी तकनीकी रूप से अपग्रेड हो सकें। इंडस्ट्रियल एरिया में बहुत से प्लाट धारक प्लाट ट्रांसफर करने जैसी समस्याओं से पीड़ित है। साथ ही बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जूझ रहे हैं। अधिकारियों के साथ आमने-सामने की बैठक में ही इन समस्याओं को रखा जा सकता है।

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Posted By: Jagran

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