जागरण संवाददाता, पानीपत : मंत्री जी। दो साल बाद भी मेरी नाबालिग लड़की नहीं मिली है। जो पैसे देने के लिए तैयार थे पुलिस उसे क्यों नहीं इस खुले दरबार में बुलाती है। मकान मालिक को मेरी लड़की के बारे में पता है। पति व अन्य तीन लड़कियों को कुछ हो गया तो इसका जिम्मेवार कौन होगा। पुलिस पर से भरोसा उठ गया है मेरे इस केस की सीबीआइ जांच करवा दें। कष्ट निवारण समिति की बैठक में सोमवार को फफक कर रोते हुए महादेव कालोनी की ललित ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से गुहार लगाई।

महादेव कालोनी निवासी ललिता की शिकायत इस बार भी पहले नंबर पर रखी गई। 27 जनवरी 2016 को उसकी बेटी को गायब कर दिया गया। ललिता ने कहा कि एक मां होने के नाते नाबालिग बेटी दिलाने के लिए कह रही हूं। लड़की मेरी कहां गई। उससे दुष्कर्म किया गया। हम पर क्या बीत रहा है वो हम ही जानते हैं। एसपी ने कहा कि लाइ डिटेक्टर टेस्ट में ट्रूथफुल आया है। डीएसी जगदीप दूहन ने कहा कि हम चाहते हैं लड़की मिल जाए। पुलिस अधिकारियों के इन बातों पर ललिता ने कहा कि जब मीटिंग होती है तभी फोन पर बात करते हैं। वैसे कोई सुनने के लिए तैयार नहीं होता है। क्राइम ब्रांच से आए पुलिस अधिकारी ने कहा कि इनामी इश्तहार का प्रबंध किया गया है। मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस तफ्तीश में किसी दूसरे को शामिल करो। जो पैसे देने की बात कर रहे थे उसे उल्टा टांग दो।

एसपी ने कहा हम कैसे अरेस्ट कर सकते हैं

सनौली रोड चांदनी बाग से आए विनोद पुनिया ने कहा कि उनकी पत्नी पीटीआइ के पद पर बापौली स्कूल में कार्यरत थी। आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में जो आरोपी थे उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। एसपी ने कहा कि इस मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। एक पेंडिंग है। एसपी की बात सुनकर विनोद पुनिया रोने लगें। एसपी से कहा कि एक मिनट आप रुको मुझे मंत्री जी से बात कर लेने दो। पुनिया ने कहा कि एसपी साहब से जब हम मिले तो इन्होंने मेरा दर्द समझने की बजाए यह कह कर चलता कर दिया कि हम कैसे अरेस्ट कर सकते हैं। मंत्री ने इस मामले में डीएसपी जगदीप दूहन को दूसरे आरोपी को अरेस्ट करने के निर्देश दिए।

चार माह से दरख्वास्त पेंडिंग

शिकायत नंबर 3 में चंद्रशेखर धरणी ने कहा कि प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता ने डीसी की फर्जी मोहर लगा आइ कार्ड बनवा ली। कार्ड पर वैलिडिटी डेट नहीं है। मंत्री ने इस मामले में एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिए। रजनी गुप्ता ने पक्ष रखते हुए कहा कि शिकायतकर्ता 2003 से मेरे पीछे पड़ा है। गलत कार्य के लिए मुझ पर दबाव बनाया। सहमति न देने पर मेरे खिलाफ झूठी शिकायत कर रहा है। पंचकूला कोर्ट से मैं जमानत पर हूं। मंत्री अनिल विज ने कहा कि आप भी उनके खिलाफ मामला दर्ज करा दो। रजनी गुप्ता ने कहा सर कहां दर्ज कराऊं पुलिस तो सुनती नहीं है। मुझे आत्महत्या करने की मंजूरी दे दें। धरणी ने पंचकूला का मामला अलग बताते हुए पांच जगह से वेतन लेने का भी आरोप लगाया।

एसआइटी की रिपोर्ट अगली बैठक में

शिकायत नंबर 4 में विधवा सुरजीत कौर ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी करनाल निवासी जसविंद्र से की। पौने पांच साल होने को है उनकी बेटी को मार कर जला दिया गया। बार बार गुहार लगाने के बाद भी पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की। कातिल का दर्ज कर लिया। डीएसपी दलबीर ने कहा कि कई पुलिस अधिकारी इस मामले में सस्पेंड हो सकते हैं। इस मामले में कार्रवाई मुश्किल होगा। एसआइटी गठित की गई। हमने 28 बिंदुओं पर जांच करने की मांग की। लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। उनके बंदे हमें धमकियां दे रहे हैं। मंत्री ने कहा कि एसआइटी की रिपोर्ट सहित प्रोग्रेस रिपोर्ट भी पेश करेंगे। सुरजीत ने मामले को सीबीआइ में देने की मांग की। मंत्री ने कहा वो कोर्ट देगी। मामला कोर्ट में है।

पैसे नहीं लौटाए, मारने की दे रहे धमकी

शिकयत नंबर 5 में जवाहर नगर निवासी बच्चन सिंह ने कहा कि कुछ धोखेबाज लोगों ने कमेटी में ठगी कर ली। मुझसे पैसे ले लिए। अब वो नहीं लौटा रहे हैं। इसमें से एक हुड्डा के राज का शातिर बंदा है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि 21 वर्ष पहले इनका कंप्रोमाइज हो गया था। दूसरी पार्टी की कोर्ट में तारीख लगी है। बच्चन सिंह ने कहा कि इसमें एक ब्यूटी पार्लर चलाने वाले का सारे खेल है। उसकी बुआ का लड़का व प्रेम प्रकाश वेश्यावृत्ति का धंधा चला रहा है। मंत्री ने कहा कि इस बारे में सिविल कोर्ट में केस लगाओ।

शर्म की बात है पुलिस को मानना पड़ेगा

कष्ट निवारण समिति की बैठक में प्रथम चार केस पुलिस से संबंधित होने से मंत्री अनिल विज ने कहा कि ये तो शर्म की बात है। पुलिस को मानना पड़ेगा। एक मां (ललिता) रोकर अपनी बेटी दिलाने की गुहार लगा रही है। एसपी राहुल शर्मा से कहा कि आप बताएं पुलिस पर इस तरह के सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का हालचाल यहां ठीक नहीं है। लोगों की शिकायतें ही पुलिस के खिलाफ है।

साहब झूठ बोल रहे हैं ये अधिकारी

वैसर गांव से आए भैयाराम ने यूएचबीवीएन के अधीक्षण अभियंता पर उनके ट्रांसफार्मर से गलत कनेक्शन देने का आरोप लगाया। भैयाराम ने कहा कि 15-25 जुलाई के बीच ऑनलाइन अप्लाई कर लोड बढ़ाने के लिए आवेदन दिया था। एसडीओ टालमटोल करने लगा। मैं लोड बढ़ाने के लिए धक्के खाता रहा। स्कीम के तहत 100 रुपये में लोड मिलना था। अब 5000 रुपये खर्च करने पड़े। तीन माह से इन अधिकारियों ने मुझे चक्कर कटवाया। मंत्री जी ये अधिकारी झूठ बोल रहे हैं। इनसे सुशील का बिल तो मांगो।

छापे की विडियो दिखाओ मुझे

समालखा निवासी महावीर ने शिकायत की कि बिजली निगम की तरफ से छापा दिखा कर 47 हजार जुर्माना लगा दिया गया। जबकि मेरे घर पर कोई छापा डालने नहीं गया। जो टेलीफोन नंबर लिखा है वो मेरे परिवार में किसी सदस्य का नहीं है। अधिकारी ने कहा कि इसकी विडियो उनके पास है। महावीर ने कहा कि वो विडियो उन्हें भी दिखाया जाए।

फफक कर रो पड़ी दीपा

बैठक की समाप्ति के बाद सिवाह गांव से आई दीपा 18 वर्ष की बेटी का फोटो हाथ में लिए मंत्री के सामने उपस्थिति हुई। फफक फफक कर रोने लगी। 20 अगस्त 2016 से उसकी बेटी गायब है। पुलिस में मामला भी दर्ज करवा रखा है। लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। मंत्री ने एसपी से इस मामले को देखने को कहा। एसपी ने एक अधीनस्थ पुलिसकर्मी की डूयटी लगा दी। पुलिसकर्मी दीपा को तीसरी मंजिल पर ले जाने लगा। दीपा रो रो कर यह कहते हुए जाने के लिए तैयार नहीं हुई कि इतने दिन बाद भी जब बेटी नहीं मिली तो वहां जाकर क्या करेगी।

बैठक में ये रहे मौजूद

कष्ट निवारण समिति की बैठक शुरू होने के समय विधायक महीपाल ढांडा शुरू से उपस्थिति रहें। उसके बाद गजेंद्र सलूजा आएं। विधायक रोहिता रेवड़ी दोपहर 12:40 बजे पहुंची। एक दो मिनट बाद जिलाध्यक्ष प्रमोद विज भी आ गए। जिला परिषद की चेयरमैन इस बैठक में नहीं आई।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस