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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गोल्ड मेडलिस्ट नीरज अब देश की सरहद की करेगा सुरक्षा, ये सपना भी पूरा

By Ravi DhawanEdited By:
Published: Mon, 07 Jan 2019 12:52 PM (IST)Updated: Mon, 07 Jan 2019 12:53 PM (IST)

जैवलिन थ्रोअर खंडरा गांव के नीरज चोपड़ा को अब सूबेदार कहकर पुकारा जाएगा। जन्म दिन से ठीक पहले सेना ने उन्हें पदोन्नत का तोहफा दिया।

गोल्ड मेडलिस्ट नीरज अब देश की सरहद की करेगा सुरक्षा, ये सपना भी पूरा
गोल्ड मेडलिस्ट नीरज अब देश की सरहद की करेगा सुरक्षा, ये सपना भी पूरा

पानीपत, [विजय गाहल्याण]।  वह जो सपना देखता है वह पूरा हो जाता है। एशियन गेम्स में गोल्‍ड मेडल्‍ जीतने के सपने के बाद अब वह देश की सुरक्षा के लिए सिपाही बनकर तैनात होने के लिए तैयार है। वह ओलंपिक में गोल्ड मेडलिस्ट होने के साथ अब सूबेदार नीरज कहकर पुकारा जाएगा। विस्तृत खबर के लिए पढ़ें दैनिक जागरण की ये खबर।

देश के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा को अब सूबेदार कहकर बुलाएं। जन्मदिन से पहले सेना ने उन्हें पदोन्नति का तोहफा दिया है। सितंबर 2016 में नायब सूबेदार राजराइफल धौलाकुंआ में भर्ती हुए नीरज ने कहा कि इससे उनका हौसला बढ़ेगा। 

सफलता भरा रहा वर्ष 2018
वर्ष 2018 नीरज के लिए सफलता भरा रहा है। गत 24 दिसंबर को वे 21 साल के हो गए। इससे छह दिन पहले उन्हें सूबेदार बनाया गया है। इसी साल उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। डायमंड लीग में चौथे स्थान पर रहे। अर्जुन अवॉर्ड भी प्राप्त किया। 

 neeraj

बेटे के कंधे पर सजे स्टार देख गौरवान्वित हूं
पानीपत के खंडरा गांव के नीरज चोपड़ा उर्फ निज्जू के किसान पिता सतीश कुमार चोपड़ा ने कहा कि उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि शरारती बेटा निज्जू एक दिन देश का बड़ा एथलीट और सेना का अफसर बनेगा। बचपन में नीरज भैंसों की पूंछ मरोड़ देता था। कभी बुजुर्गों के पास पटाखे बजाकर तंग करता था। उनके उलहाने से सारा परिवार परेशान रहता था। बेटे के कंधे पर स्टार सजे देख गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। बेटे की पदोन्नत के समय वह और उसका छोटा भाई सुरेंद्र चोपड़ा भी मौके पर थे। 

 gold medalist neeraj

90 मीटर जैवलिन थ्रो करने का लक्ष्य
पटियाला में इंडिया कैंप में शामिल नीरज चोपड़ा ने बताया कि सूबेदार पदोन्नत होने से उसका हौसला बढ़ा है। गत वर्ष उसने कड़ी मेहनत की थी तो कामयाबी भी मिली। इस साल (2019) में वल्र्ड चैंपियनशिप और एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप हैं। इसकी तैयारी के लिए साउथ अफ्रीका जा रहा हूं। उसका लक्ष्य 90 मीटर जैवलिन थ्रो करना है। अगर यह दूरी तय कर ली तो उसके पदक पक्के हैं। वह कोच जर्मनी के उवे हॉन की निगरानी में हर रोज सुबह, दोपहर और शाम को नौ घंटे अभ्यास कर रहा है। 

शादी अभी नहीं, लक्ष्य अगला ओलंपिक
शादी करने के सवाल के बारे में नीरज से हंसते हुए कहा कि उसका लक्ष्य ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का है। देश की उनसे उम्मीद ज्यादा है। इन पर खरा उतरना है। अभी शादी के बारे में सोच भी नहीं सकता।  

 नीरज की सफलता 

  • 2016 में जब अंडर-20 रिकॉर्ड के साथ चैंपियनशिप का खिताब जीता। 
  • 15 अप्रैल 2018 में कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक जीता। 
  • 27 अगस्त 2018 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता 
  • 25 सितंबर 2018 को अर्जुन अवार्ड मिला