कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। कुरुक्षेत्र की धरती पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 को इस बार यादगार बनाया जाएगा। 14 दिसंबर को दीपोत्सव आकर्षण का केंद्र रहेगा। 48 कोस कुरुक्षेत्र के 75 तीर्थों पर भी दीपोत्सव किया जाएगा। मुख्य आयोजन ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर व ज्योतिसर में किया जाएगा। इस बार पांच लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा है। पिछली बार महोत्सव में सवा दो लाख दीये लगाए गए थे। इसके साथ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के नौ दिसंबर को शुरू होने वाले मुख्य आयोजन को लेकर प्रशासन और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की बैठकें शुरू हो गई हैं। नौ दिसंबर को हरियाणा के राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय और गुजरात के राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत आर्य महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इसी के साथ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार शुरू किया जाएगा।

डीसी मुकुल कुमार ने दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर सोमवार सायं लघु सचिवालय के सभागार में सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 में 14 दिसंबर का दीपोत्सव कुरुक्षेत्र ही नहीं महोत्सव के साथ देश-विदेश से जुड़े लाखों लोगों के लिए एक विशेष दिन होगा। दीपोत्सव में एक नया इतिहास जोडऩे की तैयारी है। इस दिन एक समय में विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से एक साथ करीब पांच लाख दीये जलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल समारोह में शिरकत करेंगे और परंपरा अनुसार दीपदान भी करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रत्येक संस्था को ब्रह्मसरोवर के घाटों पर एक निश्चित स्थान दिया जाएगा।

महोत्सव में इस दिन यह होगा

अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में किया जाएगा। यह सेमिनार तीन दिन तक चलेगा। इसके अलावा 12 दिसंबर को संत सम्मेलन, 12 से 14 दिसंबर तक गीता जन्मस्थली ज्योतिसर में संपूर्ण गीता पाठ, 14 दिसंबर को वैश्विक गीता पाठ, 19 दिसंबर तक भजन संध्या व प्रादेशिक व्यंजनों के साथ-साथ हरियाणा पैवेलियन भी आकर्षण का केंद्र बनेंगे। पुरुषोत्तमपुरा बाग में 48 कोस कुरुक्षेत्र प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीता पुस्तक मेला, राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। 14 दिसंबर को दीपोत्सव और 48 कोस तीर्थ सम्मेलन भी मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा।

Edited By: Anurag Shukla