कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के नौ से 14 दिसंबर तक होने वाले मुख्य आयोजन की सुरक्षा में 100 घोड़ा पुलिस के जवानों को शामिल किया गया है। घोड़ा पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही महोत्सव में बम निरोधक दस्ते व डाग स्क्वायड लगातार जांच कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस के 10 डीएसपी, 30 निरीक्षकों सहित 1800 जवानों को नियुक्त किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम नौ से 14 दिसंबर तक चलेंगे। इस दौरान शहर में वीवीआइपी मूवमेंट ज्यादा रहेगी और इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ शिल्प और सरस मेले में भी लोगों की भीड़ में इजाफा होगा। इन तमाम पहलुओं को देखते हुए महोत्सव में आने वाले प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस प्रशासन के कंधों पर है। इस कर्तव्य को पूरा करने के लिए ब्रह्मसरोवर के चारों तरफ नाकाबंदी कर दी गई है और शहर के अलग-अलग हिस्सों में नाके लगाकर सादी वर्दी में पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे हुए है।

पुलिस अधीक्षक डा. अंशु सिंगला ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में बम निरोधक दस्ता रोजाना जांच कर रहा है। इस मेला क्षेत्र में 26 कमांडो गश्त लगाकर गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। इस मेला क्षेत्र के बाहर भी घोड़ा पुलिस की 10 टीमें सुरक्षा व्यवस्था को बनाने में अपना अहम योगदान दे रही है। इस बार सीआरपीएफ के भी 100 जवानों को अलग-अलग जगहों पर नियुक्त किया गया है। पुलिस नाकों पर सादी वर्दी में भी पुलिस फोर्स को तैनात किया है। महोत्सव में नौ दिसंबर से भीड़ बढ़ने की संभावना है। इस भीड़ से शहर की यातायात व्यवस्था पर भी असर होगा। यातायात व्यवस्था को बनाए रखने और वाहनों को डायवर्ट करने के लिए शहर के चारों तरफ 23 नाके लगाए गए हैं। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि महोत्सव को सुचारु रुप से संपन्न कराया जाए। पुलिस प्रशासन बार-बार अपील भी कर रहा है कि व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पार्किंग स्थलों पर ही वाहन को पार्क करें, ताकि किसी एक व्यक्ति की वजह से दूसरों को परेशानी ना उठानी पड़े। व्यवस्था बनाए रखने के लिए आमजन का सहयोग बहुत जरुरी है।

Edited By: Anurag Shukla