पानीपत, जेएनएन। आइटीआइ का छात्र करनाल के गुढ़ा गांव का 19 वर्षीय अजय युवती से प्रेम करता था। युवती को सिल्वर रंग की स्प्लेंडर बाइक पसंद थी। वह युवती के मोबाइल फोन और खाने-पीने काखर्च वहन नहीं कर पा रहा था। इसी की पूर्ति करने के लिए बाइक चोर बन गया। उसने एक महीने में घरौंडा और करनाल से पांच और पानीपत से एक बाइक चोरी कर ली। इसमें चार बाइक सिल्वर रंग की और दो काले रंग की हैं।

वह सोमवार को सेक्टर-18 स्थित देशबंधु गुप्ता राजकीय कॉलेज के बाहर से सिल्वर रंग की नई स्प्लेंडर चोरी करने की फिराक में था। इसी दौरान उसे सीआइए-वन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की निशानदेही पर बाबरपुर नाले के पास बंद फैक्ट्री से चोरी की छह बाइकें बरामद हुई हैं। आरोपित को गुरुवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। 

अलग-अलग बाइक से प्रेमिका को घुमाता

सीआइए-वन प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप छिक्कारा ने बताया कि अजय के पिता ओमप्रकाश ट्रांसपोर्टर हैं। अजय ने 12वीं के बाद आइटीआइ में दाखिला लिया। उसे एक युवती से प्रेम हो गया। वह घर से मिलने वाले खर्च से युवती की मांग पूरी नहीं कर पा रहा था। इसलिए उसने बाइक चोरी शुरू कर दी। परिजनों को इसकी भनक नहीं लगी। वह बैंक व सार्वजनिक स्थानों पर पहले रेकी करता था और डुप्लीकेट चाबी से बाइक उठा लेता। वह बाइकों को बेचने के लिए दो बार पानीपत आया। कई लोगों से संपर्क साधा। लोगों ने एनओसी मांगी तो बाइक बेच नहीं पाया। 

तोड़ दी नंबर प्लेट

अजय बाइक चोरी कर नंबर प्लेट तोड़ देता था। इसी वजह से पांच बाइकों के मालिकों का पता नहीं लग पाया है। पुलिस इंजन व चेसिज नंबरों से बाइकों को मालिकों को पता लगाने में जुटी है। 

रिफाइनरी में बैंक के बाहर से 12 सितंबर को चुराई थी बाइक

गत 12 सितंबर को अजय ने रिफाइनरी स्थित एसबीआइ के बाहर से बोहली के रोहताश की सिल्वर रंग की स्प्लेंडर बाइक चुरा ली थी। बोहली चौकी में केस दर्ज है।

Posted By: Anurag Shukla

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