अंबाला, [दीपक बहल]। हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के इनपुट से विदेश से अपने गैंग को भारत में आपरेट कर रहे विरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा को विदेश में ही डिटेन (गिरफ्तार) कर लिया गया है। बैंकाक में रह रहे राजू बसौदी, जो भारत में लारेंस बिश्नोई गैंग को आपरेट कर रहा था, को फरवरी 2020 में गिरफ्तार किया गया था। एसटीएफ की पूछताछ में हुए खुलासे के बाद हरियाणा पुलिस की निगाहें काला राणा पर टिक गई थीं। राणा की लोकेशन, नकली पासपोर्ट, होटल का पता जैसे अहम इनपुट एसटीएफ ने जुटाए और देश की केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से साझा किए। इसके बाद टोहाना में अक्टूबर 2020 में नकली पासपोर्ट का एक मुकदमा भी दर्ज कराया और राणा को हिंदुस्तान लाने के लिए रेड कार्नर नोटिस तक जारी किया गया।

एसटीएफ ने पूरी की औपचारिकता

अगस्त 2021 में औपचारिकताओं को एसटीएफ ने पूरा कर लिया, जिसके चलते अब राणा को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली। इनामी गैंगस्टर राणा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़ और राजस्थान पुलिस का वांटेड है। हरियाणा पुलिस के इनपुट से ही कुख्यात अपराधी को पकड़ा गया, उससे पूछताछ करने में दिल्ली पुलिस भी दौड़ में है। हरियाणा पुलिस भी अपनी ओर से भी प्रयास कर रही है कि वे काला राणा को गिरफ्तार करे। हालांकि बाद में तो सभी राज्यों की पुलिस प्रोडक्शन वारंट के माध्यम से राणा को गिरफ्तार कर सकेगी।

पूछताछ में बसौदी ने उगले कई राज

बता दें कि जनवरी 2020 में थाईलैंड में रह रहे राजू बसौदी का इनपुट हरियाणा पुलिस को मिला था। फरवरी 2020 में उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके बाद पूछताछ में बसौदी ने कई राज उगले। यमुनानगर और अंबाला के मुकदमों में भी राणा वांटेड है। इसके बाद एसटीएफ ने राणा को गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया। राणा का नकली पासपोर्ट कैसे बनाया गया आदि तमाम सुबूत जुटा और सीबीआइ और इंटरपोल के माध्यम से अगस्त 2021 में रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया।

कोरोना के चलते राणा को नहीं लाया जा सका

काेरोना के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद हो गईं थी, जिसके चलते भी काला राणा को भारत नहीं लाया जा सका। सूत्रों का कहना है कि दिसंबर 2021 में ही राणा को भारत लाया जाना था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन गईं कि उसे नहीं ला सके।

हत्याओं के मामले में वांटेड था बसौदी

गैंगस्टर राजू बसौदी हत्याओं और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में वांछित था। वह लारेंस बिश्नोई गैंक को चला रहा था।हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, फरौती जैसे मामलों में उसका नाम सामने आया था। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़ में उसके पास कई मामले दर्ज हैं। उस पर करीब चार लाख अस्सी हजार रुपये का इनाम घोषित था। साल 2017 में जब वह बाहर आया था तो वह फरार हो गया था।

Edited By: Rajesh Kumar