पानीपत, जेएनएन। विदेश भेजने के नाम पर ठगी का जाल पूरे देशभर में फैला है। कभी मास्को तो कभी उज्बेकिस्तान भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी की जा रही है। कुछ ऐसा ही मामला पानीपत में भी सामने आया है। ठगों ने फर्जी वीजा देकर विदेश भेज दिया। 

 सफीदों के दीपक ने गिरोह के साथ मिल संजय कॉलोनी आशु समेत 15 युवक-युवतियों से विदेश भेजने के नाम पर सवा करोड़ रुपये ठग लिये। गिरोह का सरगना नई दिल्ली के लाजपत नगर का शुभांशु है। वह अर्मेनिया में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। पीडि़तों में पानीपत और महेंद्रगढ़ के अलावा देशभर के युवक-युवती शामिल हैं। सभी से आठ-आठ लाख रुपये ठग लिये गए। पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो आशु ने सीएम विंडो पर शिकायत दी। इसके बाद एसपी के आदेश पर मॉडल टाउन थाने में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

संजय कॉलोनी के आशु शर्मा ने बताया कि सफीदों के भुसलाना गांव के दीपक से उसकी जान-पहचान है। दीपक अर्मेनिया देश में रह चुका है। उसे ग्रीस भेजने व नौकरी लगवाने का झांसा दे इलाहाबाद के सचिन व रवि और लाजपत नगर, दिल्ली के शुभांशु से मिलवाया। तीन साल का वर्क वीजा लगवाने के लिए 10 लाख रुपये मांगे। आशु ने दो लाख रुपये दे दिए। 

ग्रीस के बजाय उज्बेकिस्तान का वीजा लगवाया

आरोपितों ने ग्रीस के बजाय उज्बेकिस्तान का वीजा लगवाया और वहां से यूक्रेन और फिर ग्रीस भेजने की बात कही। 26 मई को आशु 15 अन्य लोगों के साथ उज्बेकिस्तान पहुंचा। 31 मई को उसे यूक्रेन का वीजा दिया। आरोपितों ने उनसे एक लाख रुपये और 3500 डॉलर ले लिये। अब तक सात लाख 95 हजार रुपये ले लिए गए थे। इसी बीच परिचित गुरपाल सिंह का मैसेज आया और बताया कि उसका यूक्रेन का वीजा फर्जी है। गुरपाल सिंह को यूक्रेन एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया। संदेह होने पर वह सभी भारत लौट आए। 

मास्‍को में वीजा फर्जी निकला तो लगा जुर्माना

इसके बाद आरोपितों ने गत 24 अगस्त को जयपुर से मास्को भेजा। दीपक ने एक लैपटॉप और एक बंद लिफाफा देते हुए कहा कि मॉस्को में सचिन को दे देना। वह अन्य लोगों के साथ मॉस्को पहुंचा। वहां एयरपोर्ट सुरक्षाकर्मियों ने वीजा फर्जी बताते हुए  34,500 रुपये जुर्माना लगाकर वापस भारत भेज दिया। जयपुर एयरपोर्ट पर उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया।

लेदर फैक्ट्री में मिलेगी नौकरी

आरोपितों ने कहा था कि ग्रीस में खेतीबाड़ी करने वाले बहुत कम लोग हैं। खेती करने के अच्छे रुपये मिलते हैं। खेती नहीं करनी है तो लेदर फैक्ट्री में काम मिल जाएगा। आशु के अनुसार, सरगना शुभांशु ने दिल्ली के लाजपत नगर में जेके कंसलटेंसी के नाम से ऑफिस खोल रखा है। दीपक, सचिन और रवि देश में रहकर युवकों को झांसा देते हैं और शुभांशु फर्जी वीजा तैयार कराता है। बताया जा रहा है कि दीपक बैंकॉक भाग गया है।

उज्बेकिस्तान में भरना पड़ा जुर्माना

आशु ने बताया कि आरोपितों ने उज्बेकिस्तान में सभी 15 लोगों को एक माह वैध और एक माह अवैध तरीके से रखा। जिस कारण उन पर कानूनी कार्रवाई की गई। जज ने सभी छात्र समझ कर 90 से 150 डॉलर तक का जुर्माना लगाया। आशु ने बताया कि उसके पिता का निधन हो चुका है। घर की जिम्मेदारी उसी पर है। उसने उधार लेकर आठ लाख से अधिक खर्च कर दिए।

पुलिस की लीपापोती

करोड़ों की धोखाधड़ी होने के बाद भी पुलिस केस दर्ज करने को तैयार नहीं हुई। सीएम विंडो और डीएसपी के चक्कर काटने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया। इसमें भी पुलिस ने सीएम विंडो पर अपने जवाब में कहा कि पीडि़त ने पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया है। जबकि पीडि़त ने चैट, कॉल रिकॉर्डिंग, लैपटॉप, फर्जी वीजा और ट्रैवल हिस्ट्री उपलब्ध कराई है। 

Posted By: Anurag Shukla

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