पानीपत, जेएनएन। साइबर ठगों ने एक और वारदात को अंजाम दे दिया। इस बार सेक्टर-13-17 हाउसिंग बोर्ड के कुमार गौरव को 700 रुपये कैश बैक का झांसा दे ढाई लाख रुपये ठग लिये। ठगों ने कुछ रकम अपने Paytm वॉलेट में ट्रांसफर की और बाकी की कोलकाता में ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। पीडि़त ने पेटीएम अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने पहले पुलिस में एफआइआर दर्ज कराने को कहा। पीडि़त ने सीएम विंडो पर शिकायत देने के बाद एसपी के आदेश पर सेक्टर-13-17 थाने में केस दर्ज किया गया है।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

कुमार गौरव ने बताया कि शिव चौक पर मोबाइल रीचार्ज की दुकान है। बीते 10 सितंबर को उसके फोन पर कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को पेटीएम कर्मचारी बताया और कहा कि आपको सात सौ रुपये कैश बैक मिला है। आप मैसेज में दिए लिंक को खोलकर उसमें अपने पेटीएम की डिटेल भर दें, ताकि राशि उस खाते में डाली जा सके। पीडि़त ने लिंक पर पेटीएम का आइडी-पासवर्ड डाला तो ठग ने उसे हैक कर लिया। ठग ने पेटीएम वॉलेट से 1324 और सेविंग अकाउंट से 90 हजार 100 और एफडी अकाउंट से एक लाख नौ हजार 900 रुपये निकाल लिए। रुपये निकाले जाने के बाद पीडि़त ने ठग को कॉल की तो उसने कहा आप अपने डेबिट कार्ड की डिटेल दे दें। निकाले गए रुपये उसमें ट्रांसफर किए जाएंगे। कुमार गौरव ने डेबिट कार्ड की डिटेल दे दी। ठग ने डेबिट कार्ड के माध्यम से एसबीआइ के खाते से 16 हजार 500 रुपये भी निकाल लिये। इसके बाद  ठग की कॉल आई की डेबिट कार्ड अकाउंट में रुपए ट्रांसफर नहीं हो रहे हैं, आप अपने क्रेडिट कार्ड की डिटेल दे दो। पूरी रकम उसमें ट्रांसफर हो जाएगी। कुमार गौरव ने क्रेडिट कार्ड की भी डिटेल दे दी। ठग ने यहां से भी 20 हजार रुपये का चूना लगा दिया। पीडि़त ने ठग को फोन किया तो उसने कहा अभी सिस्टम स्लो है, तीन घंटे के अंदर पूरी रकम वापस हो जाएगी। तब से ठग का फोन स्विच ऑफ है।

तीन दिन बाद पीडि़त के पिता को किया फोन

ठग ने जिस नंबर से गौरव को फोन करके जाल में फंसाया था। उसी नंबर से ठग ने गौरव के पिता प्रदीप कुमार को फोन करके सात सौ रुपये कैश बैक आने की बात कह भेजे गए लिंक को खोलने के लिये कहा। प्रदीप कुमार ने ठगी के बारे में बात करनी चाही तो ठग ने फोन डिस्कनेक्ट कर दिया।

कोलकाता में की गई शॉपिंग 

कुमार गौरव का पेटीएम और बैंक अकाउंट उसकी ई-मेल से लिंक है। जैसे-जैसे ठगों ने उसकी रकम का इस्तेमाल किया, वैसे ही उसकी सूचना ई-मेल पर आती रही। गौरव ने बताया कि ठगों ने उसके अकाउंट से 75 हजार रुपये कोलकाता के अनिल कुमार के पेटीएम वॉलेट में ट्रांसफर की। कोलकाता की सिमको गोल्ड कंपनी से 25-25 हजार रुपये के दो गोल्ड वाउचर खरीदे। पैंटालून्स कंपनी से कपड़ों के 10 हजार रुपये के वाउचर लिए। इसके अलावा दो हजार रुपये का उबर कंपनी का वाउचर खरीदा। 

थाने के काटे 100 चक्कर, सीएम विंडो से केस दर्ज 

ढाई लाख रुपये की ठगी के शिकार कुमार गौरव के पिता प्रदीप कुमार ने बताया कि ठगी होने के बाद एफआइआर के लिये उन्होंने थाने के 100 से अधिक चक्कर काटे, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। पुलिसकर्मी एक से दूसरे के पास भेजते रहे। पेटीएम और बैंक ने जल्द से जल्द एफआइआर की कॉपी मांगी थी। वह निर्धारित समय में एफआइआर की कॉपी उपलब्ध नहीं करा पाए। उन्होंने सीएम विंडो पर शिकायत की। जिसके बाद एसपी के आदेश पर मामला दर्ज हो पाया। जिस नंबर से ठग ने कॉल की थी वह नंबर अब भी चालू है, लेकिन पुलिस नंबर को ट्रेस नहीं कर रही। ठगों ने जहां से शॉपिंग की, उसका भी रिकार्ड है, पुलिस कार्रवाई को तैयार नहीं है।

Posted By: Anurag Shukla

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