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पानीपत में गो तस्करी का भंडाफोड़, कंटेनर से 22 गोवंश पकड़े, गोरक्षकों को कुचलने का प्रयास

पानीपत में गो तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है। कंटेनर में भूखे-प्यासे 22 बैल ठूंसे हुए थे। गोरक्षकों ने दस घंटे अभियान चलाकर तस्करों को पकड़ा। चालक धोखा देने के लिए सिख का भेष धारण किेए था। उसने गोरक्षकों को कुचलने का भी प्रयास किया।

By Umesh KdhyaniEdited By: Sun, 23 May 2021 12:18 PM (IST)
पानीपत में पकड़े कंटेनर से गोवंश को निकालते गोरक्षक।

पानीपत, जेएनएन। गोरक्षकों ने बाबरपुर मंडी के पास जीटी रोड पर नाका लगाकर 22 बैलों से भरा कंटेनर पकड़ा। चालक सहित चार तस्करों को काबू किया गया। चालक ने धोखा देने के लिए सिख का भेष धारण कर रखा था। कंटेनर से गोरक्षकों को कुचलने का प्रयास किया। गोरक्षकों की जान बाल-बाल बची। 

गोवंश पंजाब से मेवात इन्हें वध के लिए ले जा रहे थे। गोरक्षकों ने नाका सुबह चार बजे लगा रखा था और तस्कर दोपहर दो बजे पकड़े गए। गोरक्षा दल हरियाणा के उपाध्यक्ष आजाद सिंह आर्य ने बताया कि सूचना मिली कि अंबाला की तरफ से गोवंश कंटेनर आने वाला है। सुबह से ही गोरक्षक प्रदीप भापरा, रिंकू आर्य, प्रिंस गर्ग, मंदीप भापरा, राहुल गोयल, कुनाल कपूर, सतबीर, नारायण, दीपक भूसलाना, मोहित मलिक और सुनील ने नाका लगा रखा था। थाना सदर पुलिस को भी सूचना दे रखी थी। 

गोवंश को लगाया था नशे का इंजेक्शन

गोरक्षकों की टीम ने अंबाला की तरफ से आ रहे कंटेनर को रोका। इसमें 22 बैल भूखे-प्यासे ठूंस रखे थे। गोवंश को नशे का इंजेक्शन लगा रखा था। एक तस्कर वाहन से कूदा और गोरक्षक प्रिंस को धक्का देकर भाग गया। प्रिंस पीछे से आ रहे ट्रक से कुचलने से बचा। गोरक्षकों ने एक किलोमीटर तक पीछा कर तस्कर को काबू किया। इसके अलावा चालक सहित तीन और तस्करों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया। 

यूपी के मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं आरोपित

आरोपित तस्करों की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना गांव के रिजवान, इंतजार, करेटू गांव के शफीम और तावली गांव के इसरार के रूप में हुई। समाजसेवी राहुल गोयल ने गोरक्षकों को 1100-1100 और शुभम गोयल ने 21000 रुपये का इनाम दिया। 22 बैलों को बड़ोली गांव की गोशाला में छोड़ दिया गया। इस बारे में थाना सदर प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि मामला दर्ज करके आरोपितों को गिरफ्तार कर वाहन कब्जे में ले लिया है। आरोपितों से पूछताछ की जा रही है कि वे पहले भी कितने गोवंश को ले जा चुके हैं।

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