जागरण संवाददाता, पानीपत। राष्ट्रीय संशोधित क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (आरएनटीसीपी) के तहत वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है। इस चुनौती से पार पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने और थूकने वालों से जुर्माना वसूलने की तैयारी कर ली है। इसी के साथ स्वास्थ्य विभाग ने सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर ली है।

सार्वजनिक स्थानों और कार्यालयों में लोगों को जागरूक करने वाले बोर्ड लगाए जाएंगे। कोटपा का उल्लंघन करने पर जुर्माना वसूला जाएगा। कोरोना महामारी के चलते सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर भी पाबंदी लगाई हुई है।उल्लंघन करने के आरोपी पर महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा संभावित है। सिविल सर्जन डा. जितेंद्र कादियान ने बताया कि प्रदेश में करीब 50 लाख लोग(महिला-पुरुष)किसी ने किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। नतीजा, लोग टीबी के अलावा भी उच्च रक्तचाप, कैंसर, दमा, लकवा, नपुंशकता, हार्ट अटैक जैसी कई बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों, सरकारी कार्यालयों के आसपास बीड़ी सिगरेट की बिक्री रोकना, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर रोक लगाना हर विभाग की जिम्मेदारी है।

जिला नोडल अधिकारी डा. कर्मवीर चोपड़ा ने बताया कि रोडवेज, पुलिस, शिक्षा, यातायात, स्वास्थ्य,बिक्री कर विभाग, नगर पालिका, ड्रग कंट्रोल, खाद्य सुरक्षा और श्रम विभाग से सहयोग मांगा गया है।

प्रति उल्लंघन 200 रुपये जुर्माना :

-सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट, बीड़ी या अन्य ढंग से धूम्रपान पर प्रतिबंध। होटल रेलवे स्टेशन, राजकीय एवं अराजकीय कार्यालय, बस अड्डे, सिनेमा हाल, विद्यालय-महाविद्यालय सार्वजनिक स्थान हैं।

-अपनी सीमा के भीतर सार्वजनिक सार्वजनिक स्थान के स्वामी, प्रबंधक-प्रभारी द्वारा धूम्रपान होने देना।

-सार्वजनिक स्थानों पर सही आकार व संख्या में धूम्रपान मुक्त क्षेत्र चेतावनी के बोर्ड नहीं लगाना।

-मुख्य द्वार पर चेतावनी बोर्ड, नोडल आफिसर का नाम व माेबाइल फोन नंबर न लिखा होना।

-सार्वजनिक स्थान पर ऐश-ट्रे, लाइटर-माचिस धूम्रपान के प्रमाण मिलना।

धारा-5 में सजा और जुर्माना :

तंबाकू उत्पादों का विज्ञापन करना, प्रचार करना या कंपनियों से प्रयोजन लेना। प्रथम उल्लंघन पर दो साल सजा1000 रुपये जुर्माना। द्वितीय उल्लंघन में पांच साल सजा, पांच हजार जुर्माना या दोनों।

धारा-6ए-बी में भी 200 रुपये जुर्माना :

शिक्षण संस्थान के पास 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पाद बेचना। संस्थान के गेट पर चेतावनी बोर्ड न लगा होना। 18 साल से कम आयु के किशोरों को तंबाकू उत्पाद बेचना या उनसे बिकवाना। तंबाकू उत्पादों का डिस्प्ले करना, बच्चों की पहुंच से दूर न रखना।

धारा-7 में निर्माता पर दंड :

चित्र सहित चेतावनी वाले तंबाकू उत्पाद बनाना-बेचना। 18 साल से कम आयु के किशोरों को तंबाकू उत्पाद तैयार कराना या उन्हें बेचना। ऐसा करने पर दो वर्ष सजा, पांच हजार जुर्माना।

सवा चार साल में टीबी के 14 हजार मरीज तलाशे :

स्वास्थ्य विभाग ने करीब सवा चार साल में टीबी के 14 हजार 367 मरीज तलाशे हैं। इतने ही समय में 560 मरीजों की मौत हुई है। कैंसर रोगियों की बात करें तो जिला में सबसे ज्यादा कैंसर के मरीज हैं। मुख कैंसर का मुख्य कारण भी तंबाकू सेवन माना जाता है।

Edited By: Anurag Shukla