जींद, [कर्मपाल गिल]। जब आप जींद जिले के गांव उझाना में जाएंगे तो चारों तरफ छाई हरियाली आपके मन को आनंदित कर देगी। गांव के लोगों में पेड़-पौधों के प्रति उपजा प्यार अब परवान चढ़ रहा है। बीते पांच साल में गांव में सार्वजनिक स्थानों पर 25 हजार से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं। अब ग्रामीणों ने बेटी की शादी में बरातियों को भी पौधे देने शुरू कर दिए हैं।

IPS कुलदीप चहल ने जगाया ग्रामीणों में जज्बा

पर्यावरण संरक्षण और पेड़-पौधों के प्रति उझाना के ग्रामीणों में यह जज्बा जगाया है आईपीएस कुलदीप चहल और हेड कांस्टेबल मनोज कुमार ने। कुलदीप और मनोज दोनों स्कूल समय से दोस्त रहे हैं और इकट्ठे ही नौकरी की तैयारी करते थे। अब दोनों ने 2015 से गांव को संवारने का बीड़ा उठा रखा है। प्रदूषित हो रहे गांवों के पर्यावरण के संरक्षण के लिए प्रयास सेवा समिति बनाई और गांव के युवाओं को समिति का सदस्य बनाया। समिति के प्रधान सुरेश सिंहमार बताते हैं कि आईपीएस कुलदीप ने युवाओं को हरियाली का महत्व बताया और उन्हें प्रेरित किया। युवाओं ने भी गांव को हरा-भरा करने में दिल से उनका साथ दिया। गांव के सरकारी अस्पताल, कब्रिस्तान, स्टेडियम, पार्क, मेडिकल, श्मशान घाट सहित सभी सार्वजनिक जगहों पर छायादार, फलदार व फूलदार पौधे लगाए जा चुके हैं।

गांव में एंट्री करते ही हरियाली का मनमोहक दृश्य।

95 फीसदी काम पूरा हो चुका है

पौधे लगाने का 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। युवाओं ने सिर्फ पौधे लगाकर इतिश्री नहीं की, उनकी देखभाल भी की है। समिति में अब तक गांव के 85 युवा जुड़ चुके हैं। प्रधान सुरेश सिंहमार का ट्रैक्टर भी इस मुहिम के लिए 24 घंटे तैयार रहता है। सुरेश कहते हैं कि पौधों को पानी देने के लिए आईपीएस कुलदीप ने ग्रामीणों को पानी का टैंक दे रखा है। अब गांव में ऐसा माहौल बन चुका है कि युवा खुद ही पौधों में खाद-पानी देने में जुटे रहते हैं।

हरियाणा के गांव उझाना में ग्रामीणों संग पौधा लगाते आईपीएस कुलदीप चहल। 

हर बारात में देते हैं कि 151 पौधे

उझाना के ग्रामीणों ने अब बेटियों की शादी में बारात को भी पौधे देने शुरू कर दिए हैं। पिछले कुछ महीनों में छह शादियां हो चुकी हैं, हर शादी में बरातियों को 151 पौधे दे रहे हैं। छबीलदास की बेटी, डा. संजय की बहन, सतबीर सिंह की बेटी, मांगेराम की पोती की शादी में बरातियों को पौधे दिए जा चुके हैं। 21 व 11 पौधे तो हर कार्यक्रम में देते हैं। इस मुहिम में पीजीआई में कार्यरत संजय, आबकारी विभाग में कार्यरत अनुज शर्मा, मा. जसमेर, प्रवीन, मनजीत, सतीश कुमार, हवा राम सिंह, रामकला आदि समय-समय पर पौधे लाने व अन्य कार्यों के लिए आर्थिक रूप से मदद कर रहे हैं।

प्रकृति की गोद में आने का अहसास

जब भी आप उझाना गांव में जाएंगे तो ऐसा अहसास होगा कि मानो प्रकृति की गोद में आ गए हैं। गांव की शुद्ध व स्वच्छ मन को खुश कर देती है। गांव के जोहड़, कब्रिस्तान व श्मशान में लगभग 115 त्रिवेणी लगाई जा चुकी हैं। यानि नीम, बड़, पीपल के 350 पौधे लगाए गए हैं। स्टेडियम व अस्पताल में अशोक, शहतूत के पौधे लगाए गए हैं। एक हजार सांगवान के पौधे लगाए गए हैं। आंवला, अमरूद, गूगल, कनेर, बाेटल पाम, सहजन, अमलतास, हाथीफल, आम, शीशम के भी काफी पौधे लगे हुए हैं। इन पौधों के रखरखाव के लिए आईपीएस कुलदीप ने 300 ट्री गार्ड भेजे थे।

Edited By: Rajesh Kumar