पानीपत/कैथल, जेएनएन। रेलवे की ओर से जारी किए गए बजट के तहत शुरू हुआ इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग करने का कार्य जल्द ही खत्म होगा। जिसके बाद अब जिले में कैथल के पुराना स्टेशन, ढांड और कलायत के रेलवे स्टेशन जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से लैस होंगे। यहां पर रेल लाइनों की इंटरलॉकिंग सुविधा मिलेगी।

बता दें कि वर्ष 2018 में रेलवे ने इसका बजट जारी किया था। जिस पर पिछले वर्ष रेल मार्ग का विद्युतीकरण होने के बाद कार्य शुरू किया गया था। देखा जाता है कि केबिन मैन के समय पर न आने के कारण ट्रेन को सिग्नल न मिलने के कारण काफी देर तक स्टेशन के पीछे ही ब्रेक लगाना पड़ता है। परंतु यह सुविधा मिलने के बाद ऐसा नहीं होगा। एक ही स्थान पर ट्रैक को कंट्रोल करने की सुविधा मिलने के बाद समय की काफी बचत होगी। केवल बटन दबाते ही ट्रेन को रेल लाइन का रूट मिलेगा। इस सिस्टम से ट्रैक का रूट एक ही कमरे से ऑपरेट किया जाएगा।

इन स्टेशनों को मिलेगी सुविधा

बता दें कि वर्ष 2017 में नरवाना-कुरुक्षेत्र रेल लाइन का विद्युतीकरण शुरू हुआ तो जिसके बाद 2020 के फरवरी माह में विद्युतीकरण ट्रेन की सुविधा यात्रियों को मिल चुकी है। अब इसी दिशा में ही ट्रैक पर इलेक्ट्रिकल इंटरलॉकिंग की सुविधा कम्प्यूटराज्ड सिस्टम से देने को लेकर कार्य एक साल पहले शुरू किया गया था जो दिसंबर महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा। कार्य पूरा होने के बाद ट्रेन को सिगन्ल मिलने में कोई देरी नहीं होगी।

रेल यात्रियों के समय की बचत होगी

रेल यात्री कल्याण समिति के प्रधान लाजपत सिंगला ने बताया कि स्टेशन पर इंटरलॉकिंग होने के बाद सिग्नल पर इंतजार करने की जरूरत नहीं रहेगी। रेल यात्रियों के समय की बचत होगी। स्टेशन के विकास की ओर यह कदम हैं। क्योंकि इस सुविधा के बाद रेलवे विभाग यहां पर ट्रेनों की संख्या को भी बढ़ा सकता है। जिसका फायदा रेल यात्रियों को होगा।

जल्द पूरा होगा कार्य 

कैथल स्टेशन के सीनियर सेक्शन के इंजीनियर अमरेंद्र सिंह ने बताया कि विद्युतीकरण के कार्य के बाद स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की सुविधा देने का रेरलवे ने प्रावधान किया गया था। अब यह कार्य पूरा हाेने पर है। नए साल में कैथल, पिहोवा रोड और कलायत में नॉन इंटरलॉकिंग सिस्टम से ट्रेनों का संचालन होगा।

Edited By: Umesh Kdhyani