अंबाला, जागरण संवाददाता। अंबाला कैंट एयरफोर्स स्टेशन के नजदीक स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ड्रोन को उड़ता देख खुफिया तंत्र अलर्ट हो गया। दो दिन यह ड्रोन उड़ते हुए पाया गया, जिसके बाद विंग कमांडर पीपी श्रीवास्तव की शिकायत पर अंबाला कैंट थाना पुलिस ने मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब जांच में जुट गई है। बताया जाता है कि दो दिन यह ड्रोन उड़ाया गया, जबकि वायुसेना अधिकारियों ने इसकी सूचना अपने उच्चाधिकारियों को दी है। एयरफोर्स से भी इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है कि। बता दें कि प्रशासन ने वायुसेना स्टेशन के आसपास तीन किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरह के ड्रोन अथवा खिलौनेनुमा वस्तु को उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

यह है मामला

शिकायतकर्ता विंग कमांडर पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि वह वायुसेना स्टेशन में सिक्योरिटी आफिसर है। वायुसेना स्टेशन परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर तैयारियां चल रहीीं थी। उन्होंने बताया कि 13 अगस्त 2022 को सुबह 6 बजकर 08 मिनट पर लाल नंगर का ड्रोन दिखाई दिया। यह ड्रोन वायुसेना स्टेशन की दीवार से करीब पांच सौ मीटर दूर से उड़ा, जो स्टेशन के बाहरी हिस्से से वायुसेना के गुरुद्वारे की ओर उड़ता हुआ पाया, जो बाद में आगे निकल गया। यह ड्रोन करीब 500 मीटर की ऊंचाई तक उड़ता दिखाई दिया। इसके बाद 15 अगस्त को सुबह 7 बजकर 35 मिनट पर ब्राउन रंग का एक और ड्रोन वायुसेना स्टेशन की दीवार के पास करीब 150 मीटर ऊंचाई तक वैंपायर एनक्लेव पर उड़ता दिखा गया। यह ड्रोन वायुसेना स्टेशन की दीवार के साथ-साथ गार्ड रूम, डेयरी फार्म रोड तक गया।

तीन किमी दायरे में प्रतिबंध लगा है

अंबाला एयरबेस की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने ड्रोन अथवा इसी तरह के किसी अन्य उपकरण को उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया है। इसके तहत वायुसेना स्टेशन की दीवार के 3 किलोमीटर (किमी) परिधि में ऐसी किसी भी गतिविधि पर प्रतिबंध है। इसके अलावा इस क्षेत्र में किसी भी तरह की फोटोग्राफी पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। यदि कोई ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। अब तीन दिनों में दो घटनाएं सामने आने के बाद खुफिया तंत्र अलर्ट हो गया है। इसके तहत पहले भी वायुसेना स्टेशन के आसपास पक्षी उड़ाने वालों को भी नोटिस भेजे गए थे। साथ ही इस स्टेशन की दीवार के सौ मीटर के दायरे में मकान बनाने पर भी प्रतिबंध है, जबकि मौजूदा हालात ऐसे हैं कि दीवर के साथ ही कई आवासीय मकान बने हुए हैं।

इसलिए है सुरक्षा को खतरा

अंबाला एयरबेस पाकिस्तान और चीन के निशाने पर है। यहीं से इन दोनों देशों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। इसी एयरबेस पर राफेल की गोल्डन एरो 17 स्कवाड्रन भी तैनात है। राफेल की सुरक्षा को लेकर जहां वायुसेना से पुख्ता बंदोबस्त किए हैं, वहीं प्रशासन ने भी इस की सुरक्षा को लेकर निर्देश जारी किए हैं। साल 2020 में अंबाला एयरबेस पर ही राफेल को भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था, जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सहित फ्रांस से रक्षामंत्री तक अंबाला आए थे।

आर्मी टू कोर का हेडक्वार्टर भी अंबाला में

सेना की टू कोर का हेडक्वार्टर भी अंबाला कैंट में ही स्थित है। रणनीतिक लिहाज से अंबाला एयरबेस व थल सेना का बेस भी काफी महत्वपूर्ण है। एयरफोर्स स्टेशन और सेना के क्षेत्रों से कई संदिग्ध पहले भी काबू किए जाते रहे हैं। इसके अलावा सुरक्षा के लिए आर्मी एक्शन ग्रुप (आग) की टीमें भी सेना क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग करती रहती हैं।

जांच अधिकारी के अनुसार

वायुसेना स्टेशन की दीवार के पास ड्रोन उड़ाने की शिकायत एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारी की ओर से मिली है। इस शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया है। इस संबंध में छानबीन की जा रही है कि यह ड्रोन किसने उड़ाये थे। दूसरी और इस क्षेत्र में पुलिस अपनी पेट्रोलिंग को और तेज करेगी।

--- नरेश कुमार, एसएचओ अंबाला कैंट थाना।

Edited By: Naveen Dalal