जागरण संवाददाता, पानीपत : नगर निगम चुनाव से पहले ही पांच सदस्यीय कमेटी ने वार्डबंदी का खाका फाइनल कर लिया है। निगम में दो नए वार्ड बनाए हैं। इनके साथ शहर में वार्डो की संख्या 24 से बढ़ाकर 26 कर दी गई है। डीसी ने कमेटी की पहली ही बैठक में नई वार्डबंदी को स्वीकृति दे दी है। इससे पार्षदों में असंतोष है।

नगर निगम की नई वार्डबंदी को लेकर लघु सचिवालय स्थित डीसी कार्यालय में वार्डबंदी कमेटी की बैठक आयोजित की गई। कमेटी ने नई वार्डबंदी को लेकर अपनी रिपोर्ट पेश की। डीसी ने नगर निगम एरिया का नक्शा सामने रखवाकर पूरी बारीकियों को समझा। करीब डेढ़ घंटे चली बैठक के बाद कमेटी की वार्डबंदी की रिपोर्ट पर डीसी ने मुहर लगा दी। बताया जा रहा कि नगर निगम की वार्डबंदी का काम एक माह पहले शुरू किया गया था। तत्कालीन डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने इसको लेकर पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी को हर वार्ड में डोर-टू-डोर जाकर सर्वे करने के आदेश दिए थे। इसी कमेटी ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट दी। इस मौके पर निगम कमिश्नर शिवप्रसाद शर्मा, ज्वाइंट कमिश्नर सुमन भांखड़, पार्षद दुष्यंत भट्ट, अशोक कटारिया व सविता रामदेव मौजूद रही।

तीन वार्ड बीसी व दो एससी वार्ड बनाए

कमेटी ने नगर निगम में वार्डो की संख्या 24 से बढ़ाकर 26 की है। जिसमें बैकवर्ड क्लास के तीन और एससी वर्ग के लिए दो वार्ड आरक्षित किए हैं। इस बार मेयर का बीसी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव हर साल कराने पर विचार विमर्श किया जा रहा है। इसको भी जल्द ही स्वीकृति मिल सकती है।

शहर की 74 हजार बढ़ी जनसंख्या

अधिकारियों के अनुसार पिछले चुनाव में नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या 6.29 लाख थी। अब यह जनसंख्या 74 हजार बढ़कर करीब 7.13 लाख हो गई है। ऐसे में दो वार्ड और बनने पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था। एक वार्ड में 27 से 28 हजार जनसंख्या को शामिल किया गया है।

मूल प्रारूप के पैरामीटरों को अपनाया

अधिकारियों के अनुसार नई वार्डबंदी में मूल प्रारूप को अपनाया गया है। जिसमें भौगोलिक स्थिति को भी आधार माना गया है। इसके हिसाब से कई वार्डो की कॉलोनियां एक-दूसरे वार्ड में शामिल की है। बताया जा रहा है कि नई वार्डबंदी में सबसे ज्यादा बाहरी कॉलोनियों में बदलाव आया है।

निदेशालय आपत्ति व दावे मांगेगा

नगर निगम की नई वार्डबंदी को अब निदेशालय स्तर पर भेजा जाएगा। यहां पर भी इसका अध्ययन कर शहर के लोगों से दावे व आपत्ति मांगी जाएगी। इसके लिए एक से दो माह का समय लग सकता है।

पार्षदों में असंतोष, सबसे आगे भाजपाई

नई वार्डबंदी के बाद पार्षदों में असंतोष फैल गया है। इसमें सबसे आगे भाजपाई हैं। वार्ड 10 पार्षद अशोक कटारिया ने बताया कि नई वार्डबंदी शत प्रतिशत गलत है। अधिकारियों ने डोर-टू-डोर सर्वे करने के बजाय ऑफिस में ही बैठकर वार्ड तय कर दिए। खुद उसके वार्ड में सर्वे नहीं हुआ है। पार्षद दुष्यंत भट्ट ने बताया कि कई वार्डो की कॉलोनियों में बदलाव किया है। इसकी रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जा सकता है। पूर्व मेयर भूपेंद्र ¨सह ने बताया कि वार्डबंदी में किसी तरह की कमी मिली तो दावे व आपत्ति पेश की जाएंगी।

गड़बड़ी मिली तो उठाएंगे आवाज

कांग्रेस समर्थित पार्षद सुनील वर्मा ने बताया कि वार्डबंदी का काम पिछले दिनों से चल रहा है। इसमें कुछ बदलाव करने की जानकारी लगी है। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी मिली तो इसका खुलकर विरोध किया जाएगा। वैसे सरकार के प्रभाव वार्डबंदी में नजर आ सकता है।

मेयर बोले- मेरे 7 वार्ड की सारी कॉलोनी 6 में की

नई वार्डबंदी में खुद मेयर सुरेश वर्मा का वार्ड भी अछूता नहीं रहा। मेयर ने बताया कि उसका 7 वार्ड था। नई वार्डबंदी में उसके वार्ड की अधिकतर कॉलोनियों को छह वार्ड में शामिल कर दिया है।

वर्जन

नगर निगम की नई वार्डबंदी पांच सदस्यीय कमेटी ने फाइनल कर दी है। वार्डो की संख्या 26 की गई है। इसमें मूल पारूप व भौगोलिक स्थिति को भी आधार माना गया है। इसको लेकर दावे व आपत्ति मांगे जाएंगे। इसके बाद ही इसको फाइनल किया जाएगा।

सुमेधा कटारिया, डीसी, पानीपत।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस