पानीपत, जेएनएन। सिविल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान 19 अगस्त, 2018 को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मरीज की शिकायत पर हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. प्रदीप कुमार के निलंबन का आदेश दिया था। विभाग ने डाक्टर को निलंबित नहीं किया। अब एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, स्वास्थ्य राजीव अरोड़ा ने डॉक्टर को चार्जशीट करने के आदेश अस्पताल प्रशासन को दिए हैं। 

स्वास्थ्य मंत्री ने निरीक्षण के दौरान साहब ङ्क्षसह नाम के एक घायल से हालचाल पूछा था। मरीज ने बताया कि प्लास्टर कराने के लिए पीओपी बैंडेज बाहर से लाना पड़ा। मंत्री ने उसकी ओपीडी स्लिप देखने के बाद हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. प्रदीप को निलंबित करने के आदेश दिए थे। 

इसके अगले दिन अस्पताल के चिकित्सकों ने निलंबन आदेश को लेकर रोष भी व्यक्ति किया था। डा. प्रदीप ने निलंबन आदेश को टलवाने के लिए पैरवी भी की थी। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि हेड क्वार्टर से से ऐसे कोई आदेश मिले भी नहीं। इसके बाद से डाक्टर रूटीन में पहले की भांति ड्यूटी भी कर रहे हैं। 

करीब 10 दिन पहले एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, स्वास्थ्य कार्यालय से अस्पताल प्रशासन के नाम पत्र आया है। इसमें डाक्टर के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने को कहा गया है। इतना ही नहीं निलंबन आदेश कहां दबे रह गए, इसकी भी जांच शुरू हो गई है। 

मरीज के प्लास्टर के लिए पीओपी और बैंडेज मेडिकल स्टोर से नहीं बल्कि जन सेवा दल से मंगवाई थी। दल ऐसे मामलों में मरीजों और अस्पताल की मदद करता रहा है। निलंबन संबंधी आदेश की कापी भी मुझे नहीं मिली है। मंत्री जी के समक्ष अपना पक्ष रखूंगा। 

डा. प्रदीप कुमार

एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, स्वास्थ्य कार्यालय से पत्र आया है। प्रकरण 22 माह से भी अधिक पुराना है, कोई लिखित आदेश भी नहीं मिले थे। डीजी हेल्थ को मार्गदर्शन के लिए पत्र भेजा है। 

डा. आलोक जैन, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल

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