जागरण संवाददाता, समालखा :

कांग्रेस प्रत्याशी धर्म सिंह छौक्कर का जीटी रोड स्थित चुनावी कैंप ऑफिस। समय सुबह 7 बजे। कर्मचारियों के साथ आइटी सेल के युवाओं की पहली चहलकदमी। चौकीदार जान पहचान के लोगों को ही परिसर में जाने देते हैं। अंदर घुसते ही कर्मचारी चाय-नाश्ता लेते हैं। फिर अपने कमरों में चाय की चुस्की के साथ काम में जुट जाते हैं। नौ युवाओं की टीम है। यह वही टीम है, जो 2014 के चुनाव में भी उनके साथ थी।

कैंप ऑफिस के भवन में घुसते ही बड़ा हॉल है। उससे सटे दाहिने भाग में एक-दूसरे से जुड़े दो कमरे हैं। पहले छोटे कमरे में आइटी सेल के प्रभारी हर्षद बैठते हैं। बड़े कमरे में पांच कंप्यूटर, तीन लैपटॉप, फैक्स, प्रिटर, लैंड लाइन, प्रिटिग मशीन के साथ 08 युवाओं की टीम सुबह से रात तक मोर्चा संभाले रहती है। उनके प्रमुख राजेश राठी नेताजी के साथ रहते हैं। वहां से मिले इनपुट के अनुसार चुनावी कंटेंट तैयार होता है। उन्हीं के निर्देश पर उसे पोस्ट किया जाता है। आइटी सेल में आम लोगों का जाना वर्जित है। बाहर से पूछताछ के लिए चार काउंटर बने हैं। प्रोग्राम, प्रचार, वोटर से संबंधित सभी जानकारी वहां उपलब्ध होती है। यह सेल प्रत्याशी के बेटे विकास के नियंत्रण और देखरेख में है। किसी अन्य की यहां घुसपैठ नहीं है।

सोशल मीडिया के प्रभारी हर्षद और रवि राय कहते हैं कि सहयोगियों के साथ फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्वीटर, वाट्सएप मैसेजिग आदि पर प्रचार प्रसार समय की मांग है। निर्देश के अनुसार प्रतिदिन कंटेंट तैयार होता है। उसे सोशल साइट्स पर पोस्ट व अपलोड किया जाता है।

उसी समय रवि राय से एक व्यक्ति हलके के जातिगत आंकड़े तो दूसरे कस्बे में वोटरों व बूथों की संख्या बारे पूछते हैं। जातिगत आंकड़े की लिस्ट देखने के बाद वे अपडेट नहीं होने की बात कह कर चुप हो जाते हैं।

सामान्य और वॉयस कॉल

चार युवक सुबह से देर रात तक हलके के लोगों का कॉल अटैंड करते हैं। टूर के अनुसार उन्हें प्रोग्राम व अन्य गतिविधियों की सूचना देते हैं। वॉयस कॉल मैसेज भी उन्हें फोन पर भेजते हैं। उनकी परेशानियों का निदान भी नेताजी को बता कर करवाते हैं। हर काम नेताजी के संज्ञान में रहता है। इसकी जिम्मेदारी जतिन वर्मा, सचिन छौक्कर, प्रिस और मुबारक पर है।

ग्राफिक्स और डिजाइनिग अंदर ही

पंपलेट के ग्रॉफिक्स और डिजाइनिग का जिम्मा जहां अविनाश पर है। वहीं डाटा इंट्री से लेकर ग्रामीण वोटरों के डिटेल, जनसभा, पूर्व आदेश के अनुसार प्रतिदिन टूर प्रोग्राम बनाने की जिम्मेदारी विपिन की होती है। हर काम पूर्व नियोजित होता है। चुनाव कार्यालय डेढ़ किमी दूर होने से वहां लोगों की भीड़ नहीं होती है। फील्ड की जरूरत और इनपुट के हिसाब से सुबह से देर रात तक काम चलता रहता है। इसके लिए गांवों में अलग अलग मोबाइल ग्रुप भी बने हैं, जिस पर संबंधित सूचनाएं डाली जाती है। स्वस्थ संवाद के लिए आइटी के प्रभारियों का दिनभर यहां जाना आना लगा रहता है।

Posted By: Jagran

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