जागरण संवाददाता, पानीपत : अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) हरियाणा राजीव अरोड़ा, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डा. वीना सिंह ने पानीपत में रोजाना 1500 लोगों के स्वाब सैंपल जांच के निर्देश दिए थे। लाख प्रयास के बावजूद विभागीय टीमें इस लक्ष्य को पूरा नहीं कर पा रही हैं। बड़ी वजह, लोगों की सैंपल देने में आनाकानी है।

जिले की जनसंख्या 14 लाख 95 हजार 90 है। मार्च 2020 से 18 सितंबर 2021 तक 3.96 लाख 74 लोगों के ही स्वाब सैंपल की जांच हुई है। सैंपलिग इसी गति से चलती रही तो शत-प्रतिशत जनसंख्या की कोरोना जांच में अभी 20 माह और लग जाएंगे। शनिवार को भी महज 698 लोगों के ही स्वाब सैंपल लेकर टेस्टिग के लिए भेजे गए हैं। कोरोना का कोई नया मरीज नहीं मिला है। इस समय कोई एक्टिव केस भी नहीं है। अब तक अभी तक मिले 31 हजार 104 पाजिटिव केसों में से 30 हजार 462 रिकवर हो चुके हैं। अभी तक 642 कोरोना संक्रमित दम तोड़ चुके हैं। उधर, 19 सत्रों में 8497 लोगों को कोरोना रोधी टीका लगा। 18 से 44 साल आयु वर्ग में 6343 ने पहली व 661 ने दूसरी डोज लगवाई।

45 साल या इससे अधिक आयु वर्ग में 1145 को पहला, 348 को दूसरा टीका लगाया गया। रविवार को भी 10 से अधिक स्थानों पर टीका लगाया जाएगा। सैंपल देने को नहीं तैयार :

सैंपलिग के नोडल अधिकारी डा. ललित वर्मा ने बताया कि कोविड-19 पाजिटिव की संख्या शून्य हो गई है, इसके चलते लोगों में टेस्टिग के प्रति रूझान घटा है। सैंपल की रिपोर्ट आने तक होम आइसोलेट रहना होगा, इस कारण भी लोग सैंपल देने नहीं आ रहे। मोबाइल टीमें घर-घर जाकर जागरूक कर रही हैं। सरकारी-निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि बुखार-खांसी, टीबी-एचआइवी के मरीजों की कोरोना जांच जरूर कराएं।

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