जींद, जागरण संवाददाता। डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग टेस्टों के प्रति गंभीर नहीं है। रविवार को जिले में एक भी सैंपल की जांच नहीं हुई है। जबकि नवंबर माह में जिले में प्रतिदिन औसतन 13 मरीज डेंगू के मिल रहे हैं। वर्ष में 2015 सबसे अधिक 668 डेंगू के मामले स्वास्थ्य विभाग को मिले थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें मुस्तैद हुई तो लगातार डेंगू के मामलों में कमी आती रही और वर्ष 2016 में 156, 2017 में 135, 2018 में 98, 2019 में 47 तथा वर्ष 2020 में तो केवल सात ही मामले सामने आए थे। वहीं वर्ष 2021 में अबतक 514 मामले सामने आ चुके हैं। ऐसा माना जाता है कि मध्य नवंबर में डेंगू खत्म हो जाता है, लेकिन इस बार नवंबर माह में भी डेंगू के लगातार आ रहे मामलों ने स्वासथ्य विभाग की परेशानियों को बढ़ाया हुआ है। ऐसा कोई दिन नहीं जा रहा है जब स्वास्थ्य विभाग को डेंगू पाजिटिव नहीं मिल रहे हों। वो अलग बात है कि जिस दिन विभाग सैंपल जांच के लिए नहीं लगाता तो रिपोर्ट नहीं आती।

नवंबर माह में ही 350 मरीज आ चुके हैं सामने

नवंबर महीने की बात की जाए तो औसतन 13 मरीज सामने आ रहे हैं। जिसके चलते अबतक डेंगू पाजिटिव की संख्या 514 तक पहुंच चुकी है। अगर यही रफ्तार रही तो डेंगू के मामलों में जींद वर्ष 2015 का रिकार्ड तोड़ देगा। स्वास्थ्य विभाग ने अब वहां कार्रवाई शुरू कर दी है जहां पानी जमा रहता है और डेंगू मच्छर का लार्वा पनपने की संभावना अधिक रहती है। विभागीय कर्मी उन जगहों पर दस्तक देकर खुद के स्तर पर पानी निकासी शुरू कर दी है और तेल तक डाल रहे हैं।

पिछले एक पखवाड़े में कब कितने रोगी मिले

तिथि संख्या

20 नवंबर 11

19 नवंबर 02

18 नवंबर 29

17 नवंबर 15

16 नवंबर 17

15 नवंबर 14

14 नवंबर 0 (सैंपलिंग रिपोर्ट नहीं)

13 नवंबर 0 (सैंपलिंग रिपोर्ट नहीं)

12 नवंबर 23

11 नवंबर 26

10 नवंबर 28

700 से अधिक लोगों को जारी किए गए नोटिस

शहर में जहां भी डेंगू मरीज मिल रहे हैं वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा एंटी मलेरिया व डेंगू अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जा कर व आसपास लार्वा की जांच रही है। इस अभियान के दौरान शहर में जहां भी लार्वा मिलता है वहां नोटिस दिया जाता है। 700 से अधिक लोगों को नोटिस जारी कर दोबारा से लार्वा मिलने पर जुर्माने की चेतावनी दी जा चुकी है।

आमजन भी स्वास्थ्य विभगा का सहयोग दे : डा. तीर्थ बागड़ी

जिला मलेरिया अधिकारी डा. तीर्थ बागड़ी बताया कि बढ़ते डेंगू मरीजों की संख्या चिंताजनक है। नवंबर में डेंगू पर अंकुश लग जाना चाहिए लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के एंटी लार्वा अभियान के दौरान सामने आ रहा है कि जहां गंदा पानी खड़ा है वहां लार्वा पनप रहा है। ऐसे में लोगों को भी स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करना चाहिए कि वो गंदे पानी को जमा न होने दे।

Edited By: Anurag Shukla