विनीश गौड़, कुरुक्षेत्र। कोरोना वायरस के बाद अब जिले में डेंगू हालात बिगाड़ रहा है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग को लोकनायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में डेंगू के आठ-आठ बेड के दो वार्ड तैयार करने पड़े। न केवल एलएनजेपी अस्पताल बल्कि जिले के निजी अस्पतालों में संदिग्ध डेंगू के मरीजों की भरमार है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग शनिवार तक जिले में डेंगू के 74 मरीज ही मिलने पुष्टि कर रहा है। जबकि धरातल स्तर पर मरीजों की संख्या कहीं ज्यादा है। निजी अस्पतालों में संदिग्ध डेंगू के मरीजों की भरमार है और ऐसे भी मरीज हैं जो डेंगू की चपेट में आने के बाद निजी चिकित्सकों से दवाएं लेने के बाद ठीक हो चुके हैं और उन्होंने कोई टेस्ट भी नहीं कराया।

पहले होते थे दो-दो बेडों के दो वार्ड अबकी बार आठ-अाठ बेड के दो वार्ड बनाए गए 

इससे पहले भी जिले में डेंगू का प्रभाव रहा है। मगर इस बार स्वास्थ्य विभाग को मामला ज्यादा बिगड़ता नजर आ रहा है। तभी तो एलएनजेपी अस्पताल में के पुरुष वार्ड में आठ और महिला वार्ड में भी आठ बेडों के दो वार्ड तैयार किए गए हैं। इससे पहले भी जिले में डेंगू के सीजन के दौरान महिला व पुरुष के दो वार्ड तैयार किए जाते हैं। मगर दोनों वार्डों में दो-दो बेड ही उपलब्ध होते थे। अबकी बार पहले से चार गुना बेड अस्पतल में तैयार कराए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति के लिए अस्पताल को तैयार रखा जा सके। 

बड़ी तादाद में मिल रहा लार्वा 

जिले भर में मलेरिया विभाग के हेल्थ इंस्पेक्टरों को बड़ी तादाद में डेंगू का लार्वा मिल रहा है, जिसे तुरंत नष्ट कराया जा रहा है। मगर इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में डेंगू का प्रकोप और बढ़ सकता है। कम से कम दीपावली तक लोगों खतरा ज्यादा है। अगर बात करें तो वर्ष 2020 में डेंगू के पांच ही केस मिले थे। वर्ष 2019 में डेंगू के 24 और वर्ष 2018 में डेंगू के केस 150 से ज्यादा आए थे। 

अलग से डेंगू वार्ड बनाए गए : डा. संत लाल 

जिला सिविल सर्जन डा. संतलाल वर्मा ने बताया कि जिले में डेंगू के 74 केस सामने आ चुके हैं। सभी मरीजों की हालत ठीक है। एलएनजेपी अस्पताल में अलग से डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। निजी अस्पतालों को भी हिदायत है कि संदिग्ध डेंगू के मरीजों का सैंपल जांच के लिए मलेरिया विभाग को उपलब्ध कराया जाए।

Edited By: Naveen Dalal