जागरण संवाददाता, पानीपत : ग्रेप को हटवाने की मांग को लेकर उद्यमियों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से मिले। उद्यमियों ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि वायु प्रदूषण का स्तर अधिक होने के कारण एनसीआर में ग्रेप लागू किया गया था। पानीपत में सात दिनों से पांच दिन उद्योग चलाने की अनुमति दी गई थी। वीरवार और शुक्रवार दो दिन उद्योग बंद चल रहे हैं। जनरेटर चलाने पर भी प्रतिबंध लागू है। अब मौसम साफ हो चुका है। एयर क्वालिटी स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदूषण स्तर अधिक होने पर जो प्रतिबंध ग्रेप के तहत उद्योगों विशेषकर बवायलर उद्योगों पर लगाए गए थे। उन्हें वापस लिया जाना चाहिए।

पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने कहा कि कंबल का सीजन 30 जनवरी तक चलता है। 15 दिन और हमारे पास बचे हैं। इसीलिए उद्योगों को दो दिन बंद रखने के प्रतिबंध को हटाया जाए। साथ ही जनरेटर चलाने की अनुमति दी जाए। इस वर्ष कंबल उद्योगों को काफी नुकसान पहुंचा है। उद्यमी रामप्रताप ने कहा कि प्रदूषण स्तर में सुधार होने बाद भी ग्रेप के तहत पांच दिन ही उद्योगों को चलाने की अनुमति है। लगता है कि क्वालिटी इंडेक्स मानिटरिग कमीशन ग्रेप लागू करने के बाद भूल गया है। तुरंत प्रभाव से उद्योगों पर लगे प्रतिबंध को हटाया जाना चाहिए। इस प्रतिबंध से निर्यात उन्मूलक इकाइयां भी प्रभावित हो रही है। कोरोना को लेकर उद्योगों में पहले से दहशत है। लेबर घर लौट रहे हैं। ऐसे में पांच दिन उद्योगों को चलने कैसे इंडस्ट्री उबर पाएगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ कमलजीत ने आश्वासन दिया उनकी मांग को कमीशन के समक्ष रखा जाएगा।

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