जेएनएन, पानीपत : दीपावली का पर्व रविवार को मनेगा। चाइनीज लडिय़ों और से रंगीन बल्बों पानीपत शहर जगमगाएगा। औद्योगिक प्रतिष्ठानों और घरों में गणेश-लक्ष्मी का पूजन कर शहरवासी सुख समृद्धि की कामना करेंगे। कार्तिक मास कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि को दीपों का त्योहार दीपावली मनाने की परंपरा सैकड़ों वर्ष पुरानी है। पुराण और शास्त्रों में वर्णित तथ्यों के मुताबिक भगवान राम 12 वर्ष वनवास के बाद इसी दिन अयोध्या लौटे थे। भारतीय पंचांग के अनुसार इस बार दो दिन अमावस्या का संयोग बन रहा है। रविवार को दोपहर 12:23 बजे तक चतुर्दशी रहेगी। उसके बाद अमावस्या तिथि सोमवार को प्रात: 9:09 बजे तक है। दीपावली पूजन में प्रदोष काल, वृष एवं ङ्क्षसह लग्न, निशीत एवं महाननिशीत काल के अतिरिक्त चौघडिय़ा मुहूर्त भी पूजन के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में दीपावली पर महालक्ष्मी, धन कुबेर व बही-खाते का पूजन किया जाता है। 

महालक्ष्मी पूजन का समय

प्रदोष काल शाम 5:40 बजे से रात्रि 8:16 बजे तक। स्थिर वृष लग्न शाम 6:42 बजे से रात 8:37 बजे तक विशेष शुभ। शुभ-अमृत चौघडिय़ा इस अवधि में बनी रहेगी। जो विशेष शुभ होगा। 

यह लें पूजन सामग्री

फल, मिठाई, कमल पुष्प, धूप, दीप, पेड़े, केले का पत्ता, लाल कपड़ा, मेवा, रोली-मोली चंदन, चावल, पटाखे, मिट्टी के दीये, घी व तेल से पूजन करें। 

निशीत-महानिशीत काल

श्रीराम चौक स्थित गंगाधाम मंदिर के पंडित निरंजन पाराशर ने बताया कि निशीत काल देर शाम 8:16 बजे से रात 10:52 बजे तक रहेगा। मिथुन लग्न भी लक्ष्मी वृद्धि कारक होगी। महानिशित काल रात 10:52 बजे से मध्य रात्रि 1:28 बजे तक है। ङ्क्षसह स्थिर लग्न रात्रि 3:28 बजे तक रहेगी। श्री सूक्त पाठ कनकधारा स्त्रोत, गोपाल सहस्त्रनाम तथा नवार्ण मंत्र आदि यज्ञ सहित विशेष रूप से पूजन विधान श्रेष्ठ माना जाता है।

पूजन की विधि

पवित्र चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उस पर केले का पत्ता रखें। पत्ते पर गणेश, लक्ष्मी, कुबेर तथा लक्ष्मी यंत्र आदि रखें। गणेश-महालक्ष्मी का गंगा जल व पंचामृत आदि से स्नान कराएं। वस्त्र, आभूषण धारण कराकर चंदन, रोली व हल्दी लगाएं। पुष्पमाला, बेलपत्र, कमल पुष्प आदि चढ़ाएं।  पेड़े-मिठाई का भोग लगाकर आरती करें। मिट्टी के 16 दीये तेल के, एक दीया देसी घी का अवश्य जलाएं।

गोवद्र्धन पूजा 28 को 

सोमवार को प्रतिपदा तिथि होने से अन्नकूट का पर्व इसी दिन मनाया जाएगा। दीपावली पर्व पर शाम से वृष लग्न एवं चित्रा नक्षत्र विद्यमान होने से गणेश-महालक्ष्मी पूजन प्रारंभ होगा, जो आधी रात तक चलेगा। 

बाजारों में जमकर हो रही खरीदारी

दीपावली पर बाजार में भी दिनभर ग्राहकों की भीड़ रही। लोगों ने अपने बजट अनुसार जमकर खरीदारी की। दीपोत्सव को लेकर शनिवार को दिन भर जहां घरों की साज-सच्जा और खरीदारी का दौर चला। वहीं शाम होते ही घर-घर में पूजा अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। इससे पहले युवतियों ने घर के आंगन में रंगोली बनाई। हर घर, हर कोना अंधियारे से दूर होकर रोशनी से सराबोर था। बुराई पर अच्छाई की जीत के बाद भगवान श्रीराम के वापस अयोध्या लौटने की खुशी की जो परंपरा सदियों से निभाई जाती है। उसी कड़ी में इस दिन भी दीप जगमग थे। मंदिरों और घरों में लोगों ने श्रद्धा भाव के साथ मां लक्ष्मी का पूजन किया। हर घर में मां के भजनों से भक्तिमय माहौल बना रहा। 

मिठाई व गिफ्ट की हुई खूब बिक्री

दीपावली पर्व पर रिश्तेदारों व सगे संबंधियों को मिठाई व उपहार देने की भी परंपरा है। लोग एक-दूसरे के घरों में जाकर उपहार देकर पर्व की शुभकामनाएं देते हैं। त्योहार के चलते दिन में बाजारों में विभिन्न जगह मिठाई, जलेबी व गिफ्ट पैक के स्टाल लगे रहे। जहां लोगों ने जमकर खरीददारी की। इनकी दुकानों और स्टालों पर दुकानदारों की खासी भीड़ दर्ज की गई। दीपोत्सव पर मिठाई व गिफ्ट पैक की करोड़ों रुपये का कारोबार हुआ। 

चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की निगाह

दीपावली के पर्व पर किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस बेहद सक्रिय रही। पुलिस की निगाह चप्पे-चप्पे पर थी। सुरक्षा के मद्देनजर महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। वहीं रिहायशी कालोनियों में भी पुलिस गश्त करती दिखी। भीड़-भाड़ के माहौल से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस भी मुस्तैद रही। 

 

Posted By: Anurag Shukla

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