पानीपत/कैथल, जेएनएन। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमएम धौंचक की अदालत ने मांगेराम हत्याकांड में चंद्र नाथ के शिष्य एवं नौच गांव के बाबा शीलनाथ को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने पर आरोपित को एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।26 अप्रैल 2019 को क्योड़क पुलिस चौकी को सूचना मिली कि नौच गांव के जंगल के क्षेत्र में स्थित बाबा मनोहर नाथ की कुटिया में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। मृतक के बेटे सतीश ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि 26 अप्रैल 2019 को उसका पिता मांगेराम खेत में गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। 

तलाश करने के दौरान जब वह गांव में स्थित बाबा मनोहर नाथ की कुटिया में पहुंचा तो मांगेराम लेटा हुआ था। उसे देखकर बाबा शीलनाथ ने चिल्लाकर कहा कि उसने इसे मारा है, यदि वह अपनी जिंदगी चाहता है तो यहां से चला जाए। उस समय कुटिया में नौच गांव से सुरेश कुमार, भूपेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह मौजूद थे। सतीश ने बताया कि वह कुटिया से बाहर आया और भाई सुनील को फोन पर घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोग वहां पहुंचे, जिन्हें देखकर आरोपित शीलनाथ, सुरेश, भूपेंद्र व उनके साथी जंगल में भाग गए। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए आरोपित महंत को काबू कर लिया था। जांच एजेंसी ने इस मामले में भूपेंद्र उर्फ भुप्पी, सुरेश कुमार को क्लीन चिट दे दी थी। 

Posted By: Anurag Shukla

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