पानीपत, जेएनएन। कोरोना के बढ़ते संक्रमण में फलों  की मांग बढ़ गई है। आपूर्ति कम होने के कारण भाव भी तेज हो गए हैं। सेब, संतरा, अनार आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है। नींबू के दाम भी आसमान छू रहे हैं। यही हालत रहते है तो आने वाले दिनों और अधिक भाव बढ़ने की संभावना सब्जी फ्रूट आढ़तियों ने जताई है।

मंडी आढ़तियों ने बताया कि इस साल संतरे और मौसमी की फसल अच्छी नहीं रही। संतरे की फसल अब खत्म हो रही है, इसलिए इसमें और भी कमी आई है। इससे संतरा 100 रुपये किलो के ऊपर पहुंच चुका है। दूसरी ओर अच्छे सेब की कीमत इस समय 2,000 रुपये प्रति पेटी है (एक पेटी में 14 किलो)। एक माह पहले इसका दाम 1,500 रुपये था। अब सेब कोल्ड स्टोर से आ रहा है। इसलिए भाव बढ़े हुए हैं।

संतरे की आवक घटी

नागपुर से आने वाले संतरे की भी आवक कम रही। फुटकर बाजार में अच्छा संतरा 125 रुपये किलो से नीचे नहीं है। दूसरी ओर मौसमी की फसल भी अच्छी नहीं हुई है। तिरुवनंतपुरम और हैदराबाद से मौसमी आती है। कोरोना का संक्रमण बढ़ने की वजह से इसकी मांग भी तेज हो गई है। सामान्य सीजन में पानीपत मेें एक दिन में 50-60 टन से ज्यादा मौसमी आती थी, लेकिन इस वर्ष फसल खराब होने से एक सप्ताह में 60 टन मौसमी आ रही है। मांग बढ़ी हुई है और आवक कम है, इससे कीमत बढ़ रही है। एक माह पहले मौसमी 45 से 46 रुपये किलो बिक रही थी।

अंगूर में 10 से 15 रुपये की तेज

नवरात्र और रमजान की वजह से अंगूर की मांग बढ़ी है। इस माह की शुरुआत में अंगूर 30 से 40 रुपये किलो था, जिसमें 10 से 15 रुपये की तेजी आई है। थोक बाजार में 40 से 50 रुपये किलो है तो फुटकर में  80 रुपये किलो बिक रहा है। फ्रूट विक्रेता अशोक कटारिया ने बताया कि श्रीनगर से सेब की आवक बंद हो गई है। नवरात्र व शादी का सीजन होने के कारण फ्रूट की मांग बढ़ी है। कोरोना संक्रमण में भी इम्युनिटी बनाए रखने के लिए लोग फलों पर अधिक जोर दे रहे। मांग बढ़़ने से भाव बढ़े हैं।

Edited By: Umesh Kdhyani