जींद, जेएनएन।  कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में मई महीना अप्रैल से भी खतरनाक साबित होता जा रहा है। इस महीने के आठ दिनों में ही कोरोना से मौत का आंकड़ा 100 को पार गया है। अप्रैल महीने के पहले 10 दिनों में 70 लोगों की जान कोरोना के कारण गई थी लेकिन एक मई से 9 मई तक ही कोरोना 105 लोगों की जिंदगी लील चुका है। इस अवधि में 3005 नए संक्रमित सामने आए। यह स्थिति तो तब है, जब जिले में एक सप्ताह का लॉकडाउन लगा है। अगर लॉकडाउन नहीं होता तो स्थिति और भयानक होनी थी।

अप्रैल महीने में जब कोरोना की दूसरी लहर आई थी ताे संक्रमितों और मौताें का आंकड़ा एकाएक काफी ऊपर चला गया था। पिछले साल मार्च से इस साल मार्च तक कभी भी एक दिन में 100 से ज्यादा कोरोना संक्रमित नहीं मिले थे लेकिन अप्रैल महीने के बाद एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब कोरोना संक्रमितों की संख्या 200 से कम रही हो।

एक ही दिन में अधिकतम 600 तक कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। डेढ़ महीने पहले तक जिले में कोरोना के एक्टिव केस मात्र तीन थे लेकिन अब एक्टिव केसों का आंकड़ा तीन हजार के पार जा चुका है। लोगों की लापरवाही से कोरोना संक्रमण शहर से लेकर कस्बाें और गांवों में जा घुसा है। जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल हो या सीएचसी और पीएचसी हर जगह मरीजों की संख्या फुल है। बेड और ऑक्सीजन सिलेंडर तक मरीजों को उपलब्ध नहीं हो पा रहे। वहीं दूसरी तरफ मौत का आंकड़ा भी निरंतर बढ़ता जा रहा है। मई महीने में एक दिन भी ऐसा नहीं गया, जब मौत का आंकड़ा दो अंकों में न हों। महीने की शुरूआत के दिन तो 21 मौत हुई थी, जो जिले में एक ही दिन में अब सर्वाधिक मौतें थी।

9 दिन में 105 मौत

स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार अप्रैल के पहले 10 दिनों में केवल 70 मौतें कोरोना के चलते हुई थी। इस महीने में एक मई को 21, दो मई को 14, तीन मई को 14, चार मई को 13, पांच मई को 10, छह मई को 13, सात मई को 10, आठ मई को 10 मौतें हुई। नागरिक अस्पताल के एमएस डा. गोपाल गोयल ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक है। इसमें लोगों को संभलकर रहना होगा। शारीरिक दूरी, मुंह पर मास्क लगाकर रखें। इम्युनिटी बूस्टर तरल पदार्थ लें और सकारात्मक विचार रखें। इससे कोरोना पर कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है।