जागरण संवाददाता, जींद : चौधरी रणबीर ¨सह विश्वविद्यालय में हुई भर्तियों में गड़बड़झाला सामने आया है। साल 2016 में हुई सुप¨रटेंडेंट की भर्ती में नियमों को ताक पर रखकर अयोग्य व्यक्ति को नियुक्ति दे दी गई। इसकी पुष्टि ईश्वर ¨सह द्वारा मांगी गई आरटीआई से हुई है। इस मामले में एडीसी द्वारा की गई जांच में भी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए गए हैं।

शिकायतकर्ता ईश्वर ¨सह ने बताया कि छह फरवरी 2016 को सीआरएसयू में 26 विभिन्न श्रेणियों में नौकरियों की विज्ञप्ति जारी हुई थी। इसमें सुप¨रटेंडेंट की दो पोस्ट थी। उनके बेटे जगदीप समेत कुल 40 आवेदक इस पोस्ट के लिए आए थे। लिखित परीक्षा व कंप्यूटर परीक्षा के बाद मेरिट के आधार पर इंटरव्यू के लिए तीन आवेदकों को तीन अक्टूबर को सुबह 10 बजे बुलाया गया, जिनमें जगदीप का मेरिट के हिसाब से दूसरा स्थान बनता था। जब वे इंटरव्यू देने के लिए गए, तो वहां एक घंटे बैठाने के बाद इंटरव्यू को रद करते हुए ऐन वक्त शर्तों में बदलाव करके इंटरव्यू के लिए तीन और नए उम्मीदवारों को शामिल कर लिया गया। पहले सुप¨रटेंडेंट की जॉब के लिए तीन साल का डिप्टी सुप¨रटेंडेंट का अनुभव अनिवार्य था। लेकिन बदलाव की गई शर्तों में डिप्टी मैनेजर को डिप्टी सुप¨रटेंडेंट के बराबर माना गया। जबकि शर्त के बदलाव के फैसले के लिए न तो कई मी¨टग हुई और न ही कोई विज्ञप्ति जारी की गई। शर्तों में बदलाव करके जिस उम्मीदवार को जॉब दी गई, उसका नाम मेरिट लिस्ट में जगदीप से काफी नीचे था। जबकि सुप¨रटेंडेंट की पोस्ट के लिए कोई वें¨टग लिस्ट भी नहीं बनाई गई और दूसरी भर्तियों में वे¨टग लिस्ट बनाई गई।

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मेरिट की हुई अनदेखी

आरटीआई से ली गई जानकारी के अनुसार अनुक्रमांक नंबर 110026 के लिखित परीक्षा में 53 व कंप्यूटर में 32.5 अंक के साथ मेरिट में पहले नंबर पर था। दूसरे नंबर पर जगदीप जिसका अनुक्रमांक नंबर 110009 था, के लिखित परीक्षा में 50 व कंप्यूटर में 33 अंक थे। वहीं तीसरे नंबर पर अनुक्रमांक 110008 जो एससी कैटेगरी से था, के लिखित परीक्षा में 44 व कंप्यूटर में 24 अंक थे, लेकिन डिप्टी सुप¨रटेंड के तौर पर तीन साल से कम अनुभव मिलने पर वह बाहर हो गया। इंटरव्यू के दिन ऐन मौके पर शर्तों में बदलाव करके जिस उम्मीदवार को जॉब दी गई, उसके लिखित परीक्षा में 47 व कंप्यूटर में 35.50 अंक थे। वहीं मेरिट के आधार पर जॉब पाने वाले 110026 अनुक्रमांक वाले उम्मीदवार ने जॉइन ही नहीं किया।

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दूसरी भर्तियों में भी गोलमाल : मिढ़ा

इनेलो विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा के बेटे कृष्ण मिढ़ा ने प्रेस कांफ्रेंस कर सीआरएसयू में हुई दूसरी भर्तियों में भी गोलमाल होने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि साल 2014 में हुई डिप्टी रजिस्ट्रार की भर्ती में आवेदन प्रक्रिया से पूर्व ही अपने चहेते को नियुक्ति दे दी गई। सीआरएसयू में ज्यादातर नौकरियां व उचाना व नारनौंद हलके वासियों को दी गई। वहीं आरएसएस के प्रभाव से दूसरे राज्यों के लोगों को यहां नियुक्ति दी गई, जबकि जींद हलके की अनदेखी हुई।

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यह मामला मेरे कार्यभार संभालने से पहले का है, इसलिए उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। संबंधित अधिकारियों ने इस मामले में जांच अधिकारी एडीसी को जानकारी व डॉक्यमेंट्स उपलब्ध करा दिए थे। अब इस मामले में सरकार को आगामी फैसला लेना है।

डॉ. राजबीर ¨सह, रजिस्ट्रार सीआरएसयू

Posted By: Jagran