पानीपत/यमुनानगर, जेएनएन। बेटे की एसबीआइ में नौकरी लगवाने के नाम पर चूहडपुर निवासी शिवम ने मीरपुर निवासी सलिंद्र से छह लाख रुपये ठग लिए। करीब तीन साल पहले यह पैसे लिए गए थे। नौकरी नहीं लगने पर आरोपित से पैसे वापस मांगे, तो उसने पैसे देने से मना कर दिया। जिससे आहत होकर पीडि़त ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के बेटे विक्रम के बयानों पर आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। 

बताया जा रहा है कि 41 वर्षीय सलिंद्र का इकलौता बेटा विक्रम है। करीब तीन साल पहले चूहड़पुर निवासी शिवम से उनकी जान पहचान हो गई। जिसमें विक्रम को एसबीआइ में क्लर्क लगवाने की बात कही। इसके बदले में छह लाख रुपये लिए, लेकिन नौकरी नहीं लगी। जिस पर उसने अपने पैसे शिवम से वापस मांगे। कई बार तकादा करने पर करीब एक लाख 20 हजार रुपये आरोपित ने दे दिए। बाकी पैसों के लिए वह करार करता रहा।

चार चेक भी दिए थे आरोपित ने
विक्रम ने बताया कि नौ अप्रैल को उनके पिता सलिंद्र व मामा सतीश और मौसा अवतार सिंह आरोपित के गांव में गए। उस पर रुपये वापस करने का दबाव बनाया। जिस पर उसने लिखकर दिया कि वह 25मई को उनके सारे पैसे वापस कर देगा। इसके बदले में आरोपित ने चार चेक भी दिए। 

पांच दिन पहले मना कर दिया मना
विक्रम के मुताबिक, चार-पांच दिन पहले उनके पिता सलिंद्र गुमशुम रहने लगे। इस बारे में विक्रम ने बात भी की, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया। छह मई को उनके पिता की तबीयत बिगड़ गई, वह उसे लेकर अस्पताल में पहुंचे। यहां पर विक्रम ने अपने पिता से बात की, तो उन्होंने बताया कि हमारी जीवन भर की कमाई शिवम ने ठग ली। अब वह पैसे देने से मना कर रहा है। अब वह जीना नहीं चाहते। इसलिए ही उन्होंने जहर खाया है। अस्पताल में इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने विक्रम के बयान पर आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Anurag Shukla

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप